बिहार में मेवा लाल चौधरी जैसे लोग भ्रष्टाचार का नीतीश मॉड्यूल है…

बिहार में मेवा लाल चौधरी जैसे लोग भ्रष्टाचार का नीतीश मॉड्यूल है इसी मॉड्यूल को सरकार कहती है भ्रष्टाचार को लेकर जीरो टॉलरेंस। चुनाव के आपा धापी में शायद आपकी नजर इस खबर पर नहीं पड़ी होगी बिहार एसएससी परीक्षा घोटाले के आरोप में गिरफ्तार पूर्व गृह सचिव सुधीर कुमार को अचानक सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गयी वो भी ऐसे दौड़ में जब नीतीश और जीतन राम माँझी साथ चुनाव लड़ने पर अंतिम दौड़ की वर्ता चल रही थी ।सुधीर कुमार मांझी के कार्यकाल में गृह सचिव थे और नीतीश सरकार के कई पुराने फैसले को पलट दिया था । ये जनाव तीन वर्ष से अधिक समय से जेल में थे ।

अब बात मेवा लाल कि करते हैं जी है इनसे मेरी पहली मुलाकात भेटनरी कॉलेज के गेस्ट हाउस में हुआ था नीतीश सरकार इन्हें पूसा कृषि विश्वविधालय समस्तीपुर का कुलपति बनाया था। पदभार ग्रहण करने से पहले ये मुलाकात आयोजित कि गयी थी ।मुलाकात के दौरान नीतीश कुमार से उनके कैसे रिश्ते रहे हैं केन्द्रीय कृषि मंत्री के समय से उसकी वो जमकर चर्चा किये थे और उन्ही के आग्रह पर वो बिहार की कृषि व्यवस्था को बदलने आये हैं बात आयी गयी कुछ माह बाद पूसा से इनके कारनामे कि खबरे आनी शुरु हो गयी बात कुछ आगे बढ़ती तभी इनका तबादल सबौर कृषि विश्वविधालय के कुलपति के पद पर कर दिया गया क्यों कि पूसा विश्वविधालय केन्द्रीय विश्वविधालय का दर्जा मिल गया ।बात आयी गयी लेकिन मेवालाल के कारनामे कि सूचना मिलती रहती थी ।एक दिन जदयू के ही एक विधान पार्षद का फोन आया संतोष जी सबौर कृषि विश्वविधालय में सहायक प्रो० की नियुक्ति हुई है जिसमें जबरदस्त धाधली हुई है कुछ लोग आये हैं आप से मिलने भेज रहे हैं सारा प्रमाण इनके पास है ।

मैंने उन्हें कहा कि मुझे भी इसकी जानकारी है लेकिन इसका रिश्ता तो सीधे राजा से हैं इसलिए ना आपके पास भेज रहे हैं । और उसके बाद सहायक प्रो० घोटाले से जुड़ी खबर लगातार 23 ऐपिसोड में चलाये थे । घोटाले में खास बात यह था कि एक भी बिहार के लोगों को बहाल नहीं किया और उसके लिए बहाली के सारे नियम कानून को ताक पर रख दिया गया था । इसमें कोई दो मत नहीं है कि जदयू के उक्त विधान पार्षद ने मेवा लाल के भ्रष्टाचार को उजागर करने में मुझे काफी सहयोग किये थे ।आगे जो भी हुआ सब सामने है ही श्रीमान चार्जशीटेड है ट्रायल को लेकर सिस्टम मदद करने में लगा है और अब तो मंत्री बन गये ।

लेकिन बिहार में बहाली का जो नीतीश मॉड्यूल सिर्फ यही तक सीमित नहीं रहा मेवा लाल के बाद नजर उठा कर देख लीजिए बिहार में कुलपति से लेकर दरोगा बहाली तक में आपको दूसरे राज्य के लोग मिल जायेगें। अभी हाल ही सीतामंढ़ी गये थे नेपाल बार्डर पर झड़प में एक भारतीय की मौत हो गयी वही एक ट्रेनी दरोगा से भेट हो गयी वो हरियाणा का रहने वाला था मैं हैरान रह गया पता चला एक कि कौन कहे बिहार के बाहर के बहुत सारे युवा दरोगा में बहाल हुआ है वजह जिस टैक्स कि चर्चा आज कल बिहार में सरेआम होती है उन्हीं के माध्यम से ये खेल चल रहा है ।

-Santosh Singh, Kasish News

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *