नीतीशजी आपका ब्लाइंड सपोर्टर हूं, हरेक बार आपको वोट दिया, इस बार आप हार जाओ यहीं प्रार्थना है

आदरनीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार। नमस्कार। आशा करता हूं कि आप कुशल से होंगे। आपकी कुशल की कामना मां भगवती करता रहता हूं । आगे बात समाचार यह है कि इन दिनों पूरे बिहार में जहां कोरोना महामारी व्याप्त है वहीं दूसरी ओर आप अपनी जिदृ के कारण विधानसभा चुनाव करवाने जा रहे हैं। संभव है चुनाव के बाद आप दोबारा सीएम की कुर्सी पर आसीन हों, ऐसा भी संभव है कि आप हार जाएं और बिहार को एक नया सीएम मिले। इन दोनों परिस्थिति में बिहार की हार लगभग तय है। बिहार की जनता कोरोना की चपेट में जाने वाली है। चारों ओर त्राहिमाम—त्राहिमाम का संदेश व्याप्त होने वाला।

महाशय आगे बढ़ने से पहले मैं आपको स्पष्ट कर दूं कि विगत तीन विधानसभा चुनाव में आपके लिए वोट किया है। एक तरह से कहां जाए आपका ब्लाइंड सपोर्टर हूं। लेकिन ना जाने क्यों इस बार आपके लिए बद्दुआ निकल रही है कि आप बिहार के अगले सीएम ना बने। कारण जानना है तो अपने दिल में झांककर देखिए जवाब मिल जाएगा। यह भी पता चल जाएगा कि आपके चेहरे की रौनक क्यों गायब है। अब आप वह सीएम या नेता नहीं रहे जो सच का सामना करना जानता था। जो ताल ठोककर सच स्वीकार करता था। जो कहता था सड़क नहीं तो वोट नहीं। बिजली नहीं तो वोट नहीं।

आपके बिहार की बेटी नेहा सिंह राठौर ने अपनी गीतों के माध्यम से आपसे सवाल पूछा कि बिहार में का बा। आपने अब तक जवाब नहीं दिया। हां अपके सहयोगी दल भाजपा ने जरूर गीत के माध्यम से बताया कि बिहार में ई बा। नीतीश जी अगर बिहार में सब कुछ बा तं काहे आप झूठ बोलने लगे। क्यों जनता ने नजरें चुराने लगे। क्यों अपनी छवि को खराब करने लगे। क्यों आपने जनता दरबार लगाना बंद कर दिया। क्यों आपने फैक्ट्री के लिए समुद्र ना होने का बहाना बनाया। क्यों आपने विशेष राज्य के दर्जे को भूला दिया। आपने बिहार की जनता को खुलकर यह क्यों नहीं बताया कि केंद्र की मोदी सरकारी ने विगत पांच वर्षों में बिहार को क्या क्या दिया।

आप पंद्रह साल सीएम रह चुके हैं। आपने बिहार के लिए बहुत काम किया, जैसा कि आप कहते हैं। तो सवाल उठता है कि पिछली बार की तरह आप अपने कामों पर वोट क्यों नहीं मांग रहे हैं। लालू का जंगलराज, लालू का जंगलराज कब तक रटते रहिएगा। कभी कभी तो मुझे लगता है कि आपको घमंड हो गया है कि शायद आपही भगवान हो। आपके अलावे ​कोई बिहार का सीएम हो ही नहीं सकता। आप लालू के साथ चले जाओं और तेजस्वी को डिप्टी सीएम बना दो तो ठीक, लेकिन अगर तेजस्वी सीएम बन गया तो जंगलराज आ जाएगा।

अंत में बस इतना कहना है कि विगत चार महीने से गांव गांव जाकर आपके कामों को देखने का प्रयास किया है, बनी हुई सड़के टूट चुकी है, पुल उद्घाटन से पहले टूट रहे हैं, लाकडाउन के कारण बिहार के लोग परेशान हैं, आलू प्याज के दाम 50 रुपये किलो तक पहुंच गई है। जिस तरह से लोग गांव आने के लिए परेशान थे उसी तरह अब चुनाव से पहले परदेश जाने को परेशान हैं। एक बार सोचिएगा जरूर कि बिहार में अगर सब कुछ बा तो फिर लोकक पलायन काहे न​हीं कम हो रहल बा।

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