मजदूरों के लिए स्पेशल ट्रेन चलाने से मोदी सरकार का इंकार, बिहार ने कहा- बस से सबको लाना असंभव है

बिहार सरकार के आंकड़े के अनुसार दूसरे राज्यों में फंसे 28.29 लाख लोगों ने सहायता मांगी है। सोशल डिस्टेंसिंग फार्मूले में एक बस में 25 लोग बैठ पाएंगे। इसे आधार मानें, तो इनको एक बार में लाने के लिए 1,13,160 बसें चाहिए। बिहार में सिर्फ 20 हजार बसें हैं। इन बसों को 6 चक्कर लगाना पड़ेगा। यानी 6 बार जाना, 6 बार आना। एक बस को औसतन 1500 किमी एक तरफ से तय करने होंगे। ऐसे में 5 से 7 दिन का समय लगेगा। यानी 6 चक्कर में एक से डेढ़ माह।

उत्तरप्रदेश सरकार ने दूसरे राज्यों से मजदूराें काे लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सबसे पहले मध्यप्रदेश से लाेगाें काे निकाला जाएगा। अावाजाही के बीच त्रिपुरा के सीएम बिप्लब कुमार देब ने गुरुवार काे कहा कि अभी लाॅकडाउन जारी रहे। सभी पाबंदियां वैक्सीन बनने के बाद ही हटाएंगे।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रखण्ड की आबादी के आधार पर वहां क्वारेंटाइन सेंटर बनाने की आवश्यकता जताई है ताकि वहां बाहर से आनेवाले लोगों को पर्याप्त संख्या में रखा जा सके। पंचायतस्तरीय विद्यालयों के क्वारेंटाइन सेंटर की भी क्षमता बढ़ाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने गुरुवार को मुख्य सचिव दीपक कुमार और अन्य अधिकारियों के साथ राज्य में कोविड-19 की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 संक्रमण को लेकर स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रोटोकाॅल तैयार रखा जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अतिरिक्त रोजगार सृजन के लिए पूरी तैयारी रखी जाए ताकि बाहर से आने वाले लोगों को रोजगार मिल सके।

लाॅकडाउन के बीच 37 दिन से देश के विभिन्न हिस्साें में फंसे मजदूराें, छात्राें अाैर अन्य लाेगाें की वापसी के लिए बिहार समेत विभिन्न राज्यों ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। बिहार ने 18 नोडल अफसर भी नियुक्त कर दिए। बिहार के साथ ही राजस्थान, पंजाब, तेलंगाना, केरल, कर्नाटक, अाैर झारखंड ने भी इसके लिए विशेष ट्रेन चलाने की मांग की है।

बिहार के डिप्टी सीएम सुशील मोदी, मंत्री संजय झा व अशोक चौधरी ने कहा कि कि बिहार के लोग राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु सहित कई राज्यों में फंसे हैं। लाखाें लाेगाें काे बसाें से इधर-उधर भेजने की प्रक्रिया पूरी हाेने में महीनाें लग जाएंगे। ऐसे में “घर वापसी स्पेशल ट्रेन’ ही सही और सुरक्षित विकल्प है। हालांकि, इस मांग पर गृह मंत्रालय ने गुरुवार काे एक बार फिर स्पष्ट किया िक अभी लाेगाें के समूहाें काे सिर्फ बसाें के जरिये ही राज्याें के बीच अावाजाही की छूट दी गई है।

उत्तरप्रदेश सरकार ने दूसरे राज्यों से मजदूराें काे लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सबसे पहले मध्यप्रदेश से लाेगाें काे निकाला जाएगा। अावाजाही के बीच त्रिपुरा के सीएम बिप्लब कुमार देब ने गुरुवार काे कहा कि अभी लाॅकडाउन जारी रहे। सभी पाबंदियां वैक्सीन बनने के बाद ही हटाएंगे।

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