नीतीश कुमार के लिए केंद्र की राजनीति में ऑफर, एग्जिट पोल के नतीजों के बाद एनडीए में मायूसी

PATNA : तीन चरण में बिहार विधानसभा चुनाव- 2020 संपन्न होने के बाद शनिवार शाम आए एग्जिट पोल के नजीतों से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (JDU-BJP) में मासूयी छा गई है। ज्यादातर एग्जिट पोल में राष्ट्रीय जनता दल के नेतृत्व वाले महागठबंधन को बढ़त दिखाया गया है। ऐसे में बिहार की राजनीति में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के भविष्य को लेकर सवाल खड़ा हो गया है। हालांकि भाजपा-जदयू के नेता एग्जिट पोल के नतीजों को मानने को तैयार नहीं हैं। उनका मानना है कि असल नतीजे तो 10 नवंबर को आएंगे। उसमें जदयू-भाजपा गठबंधन को बहुमत मिलेगा। नीतीश कुमार के नेतृत्व में फिर से बिहार में सरकार बनेगी। इस बीच केंद्रीय मंत्री अश्विनी चाैबे ने नीतीश कुमार को लेकर बड़ी बात कह दी है। उन्होंने बिहार में नीतीश कुमार के लिए केंद्र की राजनीति में ऑफर दिया है।

बक्सर के भाजपा सांसद केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी चौबे ने एग्जिट पोल के नतीजों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा है-10 नवंबर का इंतजार कीजिए। सब पलट जाएगा। चाैबे ने जीत का दावा करते हुए कहा कि एग्जिट पोल में वोकल जनता शामिल होती है। लेकिन साइलेंट वोटर जो होते हैं वो विनिंग मूड डिसाइड करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि नीतीश कुमार कहीं भी फिट हो जाते हैं। नीतीश ने केंद्र में कई बार मंत्री पद संभाला है। अगर केंद्र की राजनीति में आते हैं तो उनका कद बढ़ेगा। नीतीश कुमार बिहार में अपना उत्तराधिकारी किसी अनुसूचित जाति या अगड़े को साैंप सकते हैं। हालांकि यह सब मेरी व्यक्तिगत राय है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के अंतिम चरण के लिए प्रचार के आखिरी दिन 1 नवंबर को पूर्णिया जिले के धमदाहा में अपने भविष्य की राजनीति को लेकर बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह उनका आखिरी चुनाव है। एक तरह से उन्होंने साफ कर दिया है कि वह 2025 तक बिहार का मुख्यमंत्री रहना चाहते हैं। इसके लिए जनता का साथ चाहिए। नीतीश को जनता का कितना साथ मिला यह 10 नवंबर को बिहार विधानसभा चुनाव की मतगणना के बाद स्थिति साफ हो जाएगा। मतदान और एग्जिट पोल के बाद अब सबकी निगाहें 10 नवंबर को होने वाली मतगणना पर है। मतगणना में अगर एनडीए को बहुमत मिलता है तो नीतीश कुमार अगले पांच साल तक मुख्यमंत्री बने रहेंगे। अगर नहीं मिलता है तो उन्हें निणर्य लेना होगा वह क्या करेंगे? जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाते बिहार और देश में संगठन को मजबूत करने के लिए काम करेंगे या केंद्र की रानजीति में जाकर नई पारी शुरू करेंगे।

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