अभी-अभी : पटना एम्स में कोरोना का अटैक, 384 डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ कोरोना पॉजिटिव

पटना का सबसे बड़ा अस्पताल पटना एम्स अस्पताल के 384, डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ कोरोना पॉजिटिव हो गये है । अस्पताल में दहशत का माहौल व्याप्त हो गया है मरीजों को इलाज में परेशानी होने लगी है AIIMS डायरेक्टर ने दी जानकारी।

ऑक्सीजन की समस्या अब भी बरकरार है। पटना के कई छोटे-बड़े प्राइवेट हॉस्पिटल पिछले 6-7 दिनों से इस समस्या से जूझ रहे हैं। यही समस्या अब बिहार को 5000 मेगावट बिजली प्रति दिन देने वाले बाढ़ में स्थित NTPC के हॉस्पिटल के साथ हो गई है। वहां के हॉस्पिटल में एडमिट 3 अधिकारियों की हालत गंभीर बन गई है। इनके बेहतर इलाज के लिए बिहार सरकार से गुहार लगाई गई है। उन्हें बाढ़ से पटना शिफ्ट कर बेहतर इलाज की मांग लगातार की जा रही है। बड़ी संख्या में यहां के कर्मचारियों और अधिकारियों के कोरोना संक्रमित होने से बिहार में बिजली संकट गहरा सकता है।

पिछले 4 दिनों से NTPC में कोरोना वायरस का संक्रमण बहुत तेजी से फैला है। एक-एक करके इस कैंपस में अब तक 92 लोग कोरोना पॉजिटिव हो गए हैं। इनमें NTPC के अधिकारी और कर्मचारी मिलाकर 44 लोग शामिल हैं। इनके ही परिवार के 48 लोग भी कोरोना वायरस की जद में आ चुके हैं। जिन अधिकारियों और कर्मचारियों की हालत ज्यादा खराब है, वो सभी कैंपस में स्थित NTPC के हॉस्पिटल में एडमिट हैं। वहां उनका इलाज चल रहा है, जबकि कई पॉजिटिव आइसोलेशन में रखे गए हैं। जो जानकारी NTPC के अधिकारियों से मिली है, उसके मुताबिक पॉजिटिव लोगों की संख्या कैंपस में बढ़ती जा रही है, जबकि NTPC के हॉस्पिटल के पास पर्याप्त मात्रा में न जो ऑक्सीजन गैस है और न ही रेमडेसिवीर इंजेक्शन है। ऐसी में बीमार अधिकारियों और कर्मचारियों की बेहतर इलाज में काफी परेशानी पैदा हो रही है। इस कारण प्राथमिकता देते हुए बिहार सरकार से NTPC ने बीमार अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए बेहतर इलाज का इंतजाम करने की मांग की है। इनमें बेहद गंभीर तीन अधिकारियों को एयरलिफ्ट करने की भी मांग की गई है।

बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल सहित पूरे पूर्वी क्षेत्र में NTPC के कुल 10 पावर प्लांट हैं। इसमें अकेले बाढ़ NTPC एक दिन में करीब 6 हजार मेगावाट बिजली बनाती है, जिसमें से 5 हजार मेगावाट बिजली बिहार को सप्लाई करती है। जिस हिसाब से यहां के अधिकारी और कर्मचारी कोरोना वायरस की दूसरी लहर का शिकार हो रहे हैं, ऐसी स्थिति में बिहार के ऊपर बिजली का संकट गहरा सकता है। इसे ध्यान में रखते हुए ही प्राथमिकता के तौर पर यहां के बीमार अधिकारियों औ कर्मचारियों के बेहतर इलाज की मांग की गई है।

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