खुले में गोबर रखने पर 5000 रुपया जुर्माना, बिहार में लागू हुआ नया नियम आदेश जारी

PATNA : नगर निगम क्षेत्र में गंदगी फैलाने वालों पर जुर्माना लगेगा। आमलोगों से लेकर औद्योगिक इकाइयों के लिए पेनाल्टी की दर निर्धारित की गई है। इसके दायरे में पशुपालकों को भी लाया गया है। पशुपालकों पर गोबर अाैर अन्य पदार्थ सार्वजनिक व खुले स्थलों पर रखने पर एक हजार रुपए जुर्माना लगाया जाएगा। गलती दोहराने पर दो हजार रुपए जुर्माना किया जाएगा। तीसरी बार या बार-बार गंदगी फैलाते पकड़ा गया तो हर घटना के आधार पर पांच हजार रुपए पेनाल्टी लगाई जाएगी। पेनाल्टी की वसूली बिहार नगरपालिका अधिनियम 2007 की धारा 228 के प्रावधानों के अनुरूप सफाई निरीक्षक की ओर से की जाएगी।

प्रदूषण नियंत्रण की योजनाओं को पूरा कराने के लिए निगम ने पर्यावरणविदों की नियुक्ति का निर्णय लिया है। सशक्त स्थायी समिति ने पर्यावरण विज्ञान में नेट पास अभ्यर्थियों को विशेषज्ञ पैनल में नियुक्त करने का निर्णय लिया है। ऐसे चार अभ्यर्थियों की नियुक्ति की जाएगी। ये पर्यावरण की स्थिति को बेहतर बनाने की योजना तैयार करेंगे।

नूतन राजधानी अंचल के अंटाघाट में जल बोर्ड की भूमि पर आश्रय स्थल का निर्माण हाेगी। स्थायी समिति की ओर से स्थान पर सहमति दिए जाने के बाद विभाग को दिए गए प्राक्कलन व डिजाइन के आधार पर सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करते हुए छह महीने में निर्माण पूरा कर लिया जाएगा। साथ ही, स्थायी समिति ने जलापूर्ति शाखा में कार्यरत 26 संविदा पंप चालकों की तीसरी बार सेवा विस्तार की स्वीकृति प्रदान कर दी।

अब हर घर और हर सड़क से नियमित कचरा उठाव हाेगा। कूड़ा गाड़ी की खराबी हाेने पर दूसरी गाड़ी जाएगी। इसके लिए निगम ने हर अंचल में 10-10 के हिसाब से 60 क्लोज टीपर की खरीद का निर्णय लिया है। इसके अलावा 150 ई-रिक्शा की भी खरीद हाेगी। इस प्रस्ताव पर स्थायी समिति की बैठक में मुहर लगी। बैठक में डिप्टी मेयर मीरा देवी, सशक्त स्थायी समिति सदस्य इंद्रदीप कुमार चंद्रवंशी, आशीष कुमार सिन्हा, सुचित्रा सिंह, दीपारानी खान, कंचन देवी, मनोज कुमार, विकास कुमार और नगर आयुक्त हिमांशु शर्मा मुख्य रूप से मौजूद थे।

निगम प्रशासन ने घराें से ही सूखा व गीला कचरा काे अलग-अलग कर उठाव की योजना तैयार की है। इसके लिए जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है। लेकिन, किसी वार्ड में शत-प्रतिशत कचरा पृथक्करण नहीं हो रहा है। इसलिए प्रायोगिक तौर पर कचरा पृथक्करण व संग्रहण का कार्य एजेंसी से कराने के लिए बैठक में मजूरी दी गई। जागरुकता अभियान, वाहन व कर्मियों की व्यवस्था आदि एजेंसी ओर से ही की जाएगी। प्रायोगिक तौर पर चलने वाले अभियान के सफल होने की स्थिति में इसका आगे विस्तार किया जाएगा।

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