कूड़ा उठाव की दर में 6 गुना बढ़ोतरी, अब 50 से 5000 रुपए तक शुल्क, पटना नगर निगम का फैसला

पटना नगर निगम ने कूड़ा उठाव व्यवस्था को बेहतर बनाने की रणनीति तैयार की है। इसके लिए बड़े कूड़ा उत्पादकों को अपने स्तर पर कूड़ा के निस्तारण के लिए व्यवस्था करनी है। नगर निगम प्रशासन की ओर से जिन संस्थानों या इकाइयों से कूड़ा का उठाव कराया जा रहा है, उनकी सुविधाओं को बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है। निगम प्रशासन ने बल्क वेस्ट जेनरेटर रेगुलेशन 2020 के तहत 20 किलोग्राम या उससे अधिक कूड़ा प्रतिदिन के हिसाब से उत्पादन करने वाली इकाइयों को अपने स्तर पर कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था का निर्देश दिया है। साथ ही नई दर की प्रस्तावित सूची भी जारी की है। इसके मुताबिक अब लाेगाें काे कूड़ा उठाव के लिए 50 रुपए से लेकर 5000 रुपए तक खर्च करने हाेंगे। अावासीय इलाके में क्षेत्रफल के मुताबिक कूड़ा उठाव के लिए पैसे देने हाेंगे। पहले यहां लाेगाें काे सिर्फ 30 रुपए देने हाेंगे।

सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए बनी रणनीति
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट को अमलीजामा पहनाने के लिए निगम प्रशासन की ओर से विशेष रणनीति बनाई गई है। नए रेगुलेशन के तहत कूड़ा उठाव चार्ज में भी बदलाव किया जा रहा है। इसके लिए बल्क वेस्ट जेनरेटर 2020 में भी प्रावधान किया किया गया है। पुराने कूड़ा उठाव चार्ज में बदलाव किया गया है। ऐसी इकाइयों को बताया जाएगा कि बल्कि वेस्ट को किस प्रकार से निस्तारित करना है। आम लोगों के साथ व्यवसायिक प्रतिष्ठानों से भी कूड़ा उठाव के चार्ज की वसूली की जाएगी।
कूड़ा उठाव की दर : घरों में सबसे कम, मैरिज हॉल, होटल व ट्रेड फेयर में सबसे ज्यादा

नगर निगम ने बल्क वेस्ट जेनरेटर रेगुलेशन के तहत बड़े कूड़ा उत्पादकों को एजेंसी के माध्यम से जोड़ने की योजना तैयार की है। बड़े कूड़ा उत्पादकों को कचरा निस्तारण एजेंसी के माध्यम से कराया जाएगा। नगर निगम के स्तर पर 20 किलो या अधिक प्रतिदिन के औसत से कूड़ा उत्पादन करने वाले प्रतिष्ठानों को गीला कचरा के निस्तारण की योजना के बारे में जानकारी दी जाएगी। इस संबंध में निर्देश जारी किया जा चुका है।

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