डाक्टर साहेब शराब की फैक्ट्री चला रहे थे, पुलिस ने मारा छापा, 100 में बनता था 2500 में बिकता था

PATNA-गौरीचक के तीन मंजिला मकान में हाेम्योपैथी डॉक्टर चला रहा था नकली शराब की फैक्ट्री, विजय नगर में था गोदाम, दोनों मकान को किया गया सील, नीलाम भी होंगे, होली पर बेची 35 लाख की नकली विदेशी शराब, एक बाेतल शराब बनाने में 100 रुपए खर्च, 2500 में बिक्री, पुलिस के सामने दिखाया कारनामा… हाेम्योपैथी दवा और केमिकल का इस्तेमाल कर पांच मिनट में बना दी एक बोतल शराब, जिस ब्रांड की डिमांड, उसका स्टीकर लगा करते थे सप्लाई, एफएसएल से होगी जांच

पुलिस ने नकली शराब की फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। इसे एक हाेम्योपैथिक डॉक्टर अपने साथियों के साथ मिलकर चला रहा था। इसके लिए गौरीचक के अजीमचक में फोरलेन के पास तीन मंजिला मकान किराया पर ले रखा था। यहां शराब बनती थी। उसे बोतलों में भरा जाता था और उस पर ब्रांडेड शराब कंपनियों का स्टिकर, बार कोड, होलोग्राम आदि चिपकाया जाता था। इसके बाद पत्रकारनगर के विजय नगर में अरविंद मिश्रा के मकान के ग्राउंड फ्लोर में स्टाॅक किया जाता था। दाेनाें जगह से शराब की सप्लाई हाेती थी। पुलिस ने दोनों मकान को सील कर दिया है। पुलिस ने बताया कि दाेनाें मकान की नीलामी के लिए सक्षम अधिकारियों को लिखा जाएगा।

पत्रकार नगर थाने की पुलिस ने गौरीचक स्थित फैक्ट्री और विजय नगर स्थित गाेदाम में छापेमारी की। दो दिन चले अभियान के दाैरान 230 बोतल शराब, 221 खाली बोतल, हाेम्योपैथिक दवा, केमिकल, ब्रांडेड कंपनी के स्टीकर और अन्य सामान बरामद किया। साथ ही मधुबनी के राजनगर के बबलू यादव, खाजेकलां के संजय कुमार (बोतल सप्लायर), विजय नगर के अरविंद मिश्रा (गोदाम मालिक) और बड़ी पहाड़ी अगमकुआं के सन्नी कुमार (गौरीचक स्थित तीन मंजिला मकान का मालिक) को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि शराब का यह धंधा हाेम्योपैथिक डॉक्टर राजीव रंजन अपने साथियों के साथ मिलकर चलाता था। सरगना सहित पांच धंधेबाज फरार चल रहे हैं।

राजीव रंजन के बारे में फिलहाल पुलिस कुछ नहीं बोल रही है। हालांकि सूत्रों का कहना है कि वह हाेम्योपैथी डॉक्टर है और हाेम्योपैथी दवाओं का पटना में बड़ा विक्रेता भी है। राजीव ही हाेम्योपैथी दवा, मिनरल वाटर और केमिकल मिलाकर शराब बनाने की ट्रेनिंग देता है। इसके अलावा गुरहट्‌टा का व्यवसायी संजय कुमार शराब की खाली बोतल सप्लाई करता था। संजय के दो गोदाम से पुलिस ने भारी मात्रा में शराब की खाली बोतलें बरामद की हैं। जांच में पता चला कि शातिर बंगाल और यूपी से ब्रांडेड शराब का रैपर, बार कोड और होलोग्राम मंगवाते थे।

पत्रकार नगर थाने की पुलिस ने 19 मार्च की रात डिलिवरी ब्वाॅय बबलू यादव को गिरफ्तार किया था। वह स्कूटी में दो बोतल शराब लेकर डिलिवरी करने जा रहा था। पूछताछ में उसने पहले बरगलाने का प्रयास किया, लेकिन जब पुलिस सख्ती से पेश आई तब उसने चौंकाने वाला खुलासा किया। बबलू की निशानदेही पर ही पुलिस ने गौरीचक और विजय नगर में छापेमारी कर शराब फैक्ट्री का उद्भेदन किया और धंधेबाजों को गिरफ्तार किया। बबलू ने पुलिस को बताया कि राजीव ने उसे भी शराब बनाना सिखा दिया है। पुलिस के सामने ही बबलू ने पांच मिनट में हाेम्योपैथी दवा और केमिकल का इस्तेमाल कर एक बोतल शराब बना दी।

जांच में पता चला कि धंधेबाजों को एक बोतल नकली शराब बनाने में 100 रुपए की लागत आती है, जबकि वे खुदरा में इसे 2500 रुपए और छोटे धंधेबाजों को 1200 रुपए में बेचते थे। जांच में पता चला कि राजीव रंजन, अरविंद मिश्रा, सन्नी और अन्य धंधेबाज मिलकर यह शराब की फैक्ट्री चला रहे थे। होली से पहले इन धंधेबाजों ने लगभग 35 लाख की नकली विदेशी शराब बेची है। सूत्रों की मानें तो यह गिरोह पटना शहर के अलावा बाढ़, मोकामा, बिहटा और पास के जिले आरा, सारण, वैशाली सहित अन्य जिलों में शराब की खेप छोटे-छोटे धंधेबाजों को भेजता है। पुलिस को कुछ शातिरों का नाम और नंबर मिला है। उसका सत्यापन पुलिस कर रही है। सिटी एसपी पूर्वी प्रमोद कुमार ने कहा कि एसएसपी मानवजीत सिंह ढिल्लो के निर्देश पर पूरी कार्रवाई की गई है। चार धंधेबाजों को गिरफ्तार किया गया है। कुछ और लोगों के नाम सामने आए हैं। जल्द ही उन लोगों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।

पूछताछ में बबलू और अन्य धंधेबाजों ने पुलिस को बताया कि वे लोग छोटे धंधेबाजों को हर प्रकार के ब्रांड की शराब उपलब्ध कराते थे। फिलहाल शातिरों के ठिकाने से इंपीरियल ब्लू, मैकडोवल और रॉयल स्टैग की बोतल, स्टीकर, बारकोड आदि बरामद किया गया है। धंधेबाजों ने बताया कि पब्लिक जो ब्रांड मांगती थी हम उस ब्रांड का स्टिकर चिपकाकर शराब उपलब्ध कराते थे। ठिकानों से बरामद हाेम्योपैथी दवा और केमिकल को जांच के लिए पुलिस एफएसएल भेजेगी।
शराब फैक्ट्री के बारे में जानकारी देती पुलिस।

ये सामान बरामद : 230 बोतल विदेशी शराब, शराब का रंग देने वाला केमिकल, 4783 बोतल का ढक्कन, 221 शराब की खाली बोतल, 831 बोतल हाेम्योपैथी दवा, 380 लीटर स्पीरिट, स्कूटी, चार खाली कंटेनर, एक मोबाइल, 17 बारकोड सीट, 423 सीट विभिन्न ब्रांड का स्टीकर।

होम्योपैथी दवा से नकली शराब बनाने का फॉर्मूला
93 फीसदी अल्कोहल वाली दवा (कैल्केरिया फोस्फोरिका, सोरिनम)+ स्पिरिट+ केमिकल + मिनिरल वाटर = ब्रांडेड शराब

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