97 रूपए लीटर हुआ पेट्रोल, नए साल में 8वीं बार बढ़े दाम, बिना टैक्स कटौती राहत नहीं मिलेगी

पेट्राेल-डीजल के दाम शनिवार को 25-25 पैसे बढ़े। नए साल में दाम बढ़ने का यह 8वां मौका है। केंद्र ने मई 2020 में पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी क्रमश: 10 और 13 रु. प्रति लीटर बढ़ा दी थी, जो अब भी जारी है। राज्य सरकारें वैट अलग से लगाती हैं। इससे कच्चे तेल में मामूली बढ़ोतरी से भी कीमतें रिकॉर्ड बना रही हैं। जानकारों के अनुसार बिना टैक्स कटौती राहत नहीं मिलेगी। 25-25 पैसे की वृद्धि के बाद पटना में प्रति लीटर पेट्रोल के दाम 88.20 रु. और डीजल के 81.03 रु. हो गए। दिल्ली में शनिवार काे पेट्राेल का दाम बढ़कर 85.70 रुपए प्रति लीटर हो गया। जबकि अाैर डीजल 75.88 रुपए प्रति लीटर पर पहुंच गया। यह अब तक का उच्चतम स्तर है। राजस्थान के श्रीगंगानगर में पेट्रोल की कीमत 97.50 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच गई है। यह देश में सबसे ज्यादा बताई जाती है। शुक्रवार को भी डीजल-पेट्रोल की कीमतें बढ़ी थीं।

6 मई 2020 को पेट्रोल-डीजल पर उत्पाद शुल्क (एक्साइज ड्यूटी) बढ़ा था। इस बढ़ोतरी के बाद पेट्रोल के दाम 76.86 रुपए थे। तब कहा गया था बढ़ोत्तरी का असर आम आदमी पर नहीं होगा। लेकिन पेट्रोल के दाम तब से 16.80 रु. लीटर तक बढ़ चुके हैं, टैक्स में भी कटौती नहीं हुई है। वहीं डीजल भी तब 69.80 रु. लीटर था। अब यह 15.48 रु. लीटर बढ़कर 85.28 रु. लीटर पहुंच चुका है। आगे भी कच्चे तेल के दाम नहीं घटेंगे। इसलिए दाम नहीं घटेंगे। दुनिया में टीकाकरण और आर्थिक गतिविधियां बढ़ रही हैं।

सितंबर में बिहार में चुनाव थे, तब दाम स्थिर
कच्चे तेल के दाम 3,010.80 रु. बैरल से 3,077.23 रु. बैरल हो गए। पर पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर रहे। 25 सितंबर को चुनाव आयोग ने बिहार चुनाव की घोषणा की थी। 10 नवंबर को नतीजे आए। 20 नवंबर को भाव फिर बढ़ने लगे।

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