मोदी सरकार की मेहरबानी से जनता परेशान, पेट्राेल की मूल कीमत 36.99 रुपए, उस पर टैक्स 51.16 रुपए

राज्य में पेट्रोल की मूल कीमत डीजल से कम है। 19 फरवरी को पेट्रोल की मूल कीमत 36.99 रुपए अाैर डीजल की 37.50 रुपए थी। लेकिन टैक्स जोड़ने के बाद पेट्रोल की खुदरा कीमत डीजल से ज्यादा हो गई। वर्तमान दर के मुताबिक पेट्रोल की मूल कीमत से उस पर लगने वाला टैक्स ही 14.17 रुपए ज्यादा है। डीजल पर मूल कीमत से 7.55 रुपए अधिक टैक्स लगता है।

पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर एक्साइज ड्यूटी और वैट जुड़ता है। इसके साथ ही ढुलाई भाड़ा और डीलर का कमीशन भी कीमत में जुड़ता है। इसका भुगतान भी ग्राहक को ही करना पड़ता है। बिहार में राज्य सरकार द्वारा तेल कंपनियों से वैट के साथ उसका 30 फीसदी सरचार्ज लिया जाता है। हालांकि सरचार्ज का प्रभाव खुदरा कीमतों पर नहीं पड़ता है।

पेट्रोल पर वैट से 1.8 गुना अधिक केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी
बिहार में पेट्रोल पर लगने वाली केंद्र सरकार के हिस्से की एक्साइज ड्यूटी राज्य के हिस्से के वैट से 1.8 गुना ज्यादा है। 19 फरवरी को वैट 18.26 रुपए और एक्साइज ड्यूटी 32.90 रुपए थी। जबकि डीजल पर एक्साइज ड्यूटी राज्य के वैट से 2.4 गुना ज्यादा लगती है। एक्साइज ड्यूटी 31.80 रुपए और वैट 13.25 रुपए है। संभवतः यही कारण है कि उद्योग और व्यवसाय जगत द्वारा लगातार मांग किए जाने के बाद भी राज्य सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर लगने वाला वैट कम नहीं किया।

हालांकि बिहार में पेट्रोल-डीजल पर लगने वाला वैट राजस्थान, मध्य प्रदेश, मणिपुर, कर्नाटक सहित कुछ अन्य राज्यों से कम हैं। वहीं पड़ोसी राज्य झारखंड से पेट्रोल पर वैट बिहार से कम है, पर डीजल पर ज्यादा है। राजस्थान, एमपी और झारखंड में पेट्रोल और डीजल पर सेस भी लगता है।

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