PM के भाषण लाइव टेलीकास्ट तो किसानों से मीटिंग क्यों नहीं? पुण्य प्रसून बाजपेयी ने पूछा सवाल

किसान आंदोलन को लेकर लगातार पुण्य प्रसून बाजपेयी ट्वीट पोस्ट कर रहे हैं। साथ ही सरकार पर तीखी टिप्पणी करते हुए उनकी कार्यप्रणाली पर सवाल भी उठा रहे हैं। एक और पोस्ट प्रसून बाजपेयी ने किया है जिसमें वह पीएम मोदी को लेकर सीधा सवाल करते हैं कि पीएम मोदी वैसे तो लाइव कॉन्फ्रेंस करते हैं, तो किसानों से बात करने में उन्हें इतना वक्त क्यों लगा और वो अब इस बातचीत का लाइव टेलीकास्ट क्यों नहीं करते?

बाजपेयी अपने पोस्ट में कहते हैं- ‘किसानों से बातचीत लाइव टेलीकास्ट क्यों नहीं, पीएम का भाषण हमेशा लाइव टेलीकास्ट, संसद में कृषि विधेयक लाइव टेलीकास्ट, किसानों योजनाओं का ऐलान लाइव टेलीकास्ट।’ पुण्य प्रसून बाजपेयी के इस पोस्ट पर लोगों ने ढेर सारे रिएक्शन देने शुरू कर दिए। कुछ ने बाजपेयी की बातों का समर्थन किया औऱ मोदी सरकार पर सवाल उठाए, तो कुछ लोगों ने उनके इस ट्वीट के करारे जवाब भी दिए।

एक यूजर ने लिखा- ‘जनाब लाइव टेलीकास्ट तो आप को मालूम ही है। बहुत ही क्रांतिकारी था वो’। एक ने कहा- ‘पत्रकारिता की दलाली किसे कहते हैं, ये कोई @ppbajpai से सीखे, रंगे हाथ पकड़े जाने पर भी खुद को तीस मारखां समझ रहे हैं।’ एक बोला- ‘ये सब दिमाग आपको भाजपा के शासन में ही क्यों याद आता है, दस साल यूपीए के शासन में आप मौन क्यों थे, संगत का असर है या फितरत ही ऐसी है, वंदे मातरम भारत माता की जय तो बोलना पड़ेगा।’

बलजीत नाम के शख्स ने लिखा- ‘यूपीए के शासन के वक्त तुम कहां थे? इतना बवाल मचा रखा था, तब तुम अंधे- बहरे थे क्या? और इस बात में वंदे मातरम, भारत माता की जय कहां से आ गया? तुम और तुम्हारे पिताजी-दादा जी नहीं थे तब से भारत माता की जय है! तुम जैसे लोगों ने केवल नारा लगाने के अलावा और कुछ किया है क्या?’

एक ने कहा- ‘अगर “मन की बात” की ही तर्ज़ पर आज किसान संगठनों और भारत सरकार के बीच साढ़े तीन घण्टे तक हुई बातचीत का live telecast हो जाता तो मंत्री और अधिकारियों के कपड़े दिल्ली की इस सर्दी में पसीने से भीग गए होते, और तो और अधिकारियों को अपने परिवार वालों से आंख मिलाने की हिम्मत ना होती।’

एक महिला यूजर ने कमेंट कर लिखा- ‘गमले के सिवा कभी खेती करके देखे हो? पत्रकार से फर्जी किसान मत बनो, जो 400 करोड़ के मालिक तो बन ही जाते हो ऐसे बकवास करके।’ इस यूजर का जवाब देते हुए एक अन्य यूजर ने लिखा- ‘मैडम जी मेरा ज्ञान अधूरा है जरा msp और तीनों किसान कानूनों के बारे मे मुझे बता दीजिए। ताकि इन समर्थकों का मुंह बन्द कर सकूं। अगर असली किसान हो तो।’

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