PM MODI के गोद लिए गाँव की सच्चाई दिखाने वाली पत्रकार पर हुआ FIR

देश में फैले कोरोनावायरस की वजह से केंद्र में सत्तारूढ़ मोदी सरकार को अचानक मार्च के महीने में लॉकडाउन लगाना पड़ा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लिए गए इस फैसले से अचानक ऐसी स्थिति बन गई कि प्र’वासी म’ज’दूरों के साथ-साथ यहां वहां फं’से लोगों को भी सुविधाओं की काफी कमी हो गई। इस पर कई पत्रकारों ने रिपो’र्टिंग कर शासन और प्रशासन की कमियों को उजागर भी किया।

अब खबर सामने आ रही है कि ऐसे ही रिपोर्टिंग के लिए न्यूज़ वेबसाइट Scroll.in की एग्जीक्यूटिव एडिटर और चीफ एडिटर सुप्रिया शर्मा ने लॉकडाउन में पीएम मोदी के गोद लिए गांव डोमरी में भू’ख से प्रभावित लोगों पर एक रिपोर्ट पेश की थी। सुप्रिया शर्मा की ये रिपोर्ट scroll.in पर 8 जून को पब्लिश हुई थी।

बताया जाता है कि उन पर इस रिपोर्ट को लेकर 13 जून को एफआईआर दर्ज करवाई गई है। सुप्रिया शर्मा पर एफ आई आर दर्ज करवाने वाली एक महिला है। जिसका नाम माला देवी बताया जाता है। उस महिला के बयान को सुप्रिया ने अपनी रिपोर्ट में शामिल किया था। बता दें कि सुप्रिया शर्मा पर आ’ईपी’सी की धारा 269 (ख’तरना’क बी’मा’री का सं’क्रम’ण फै’ला’ने के लिए लापरवाही से काम करने) औ धारा 501 (मा’नहा’नि पहुंचाने वाली सामग्री छापने) और ए’ससी-ए’सटी एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ है।

इस एफआईआर पर स्क्रॉल की तरफ से बयान जारी कर कहा गया है कि उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित डोमरी में 5 जून 2020 को माला देवी का इंटरव्यू लिया गया था। उन्होंने जो कुछ भी बयान दिया। वही अपने लेख में हम ने छापा है जिसका टाइटल था प्रधानमंत्री मोदी के वाराणसी स्थित गोद लिए गांव में लॉकडाउन के दौरान लोग भूखे। स्क्रोल का कहना है कि वह इस लेख के साथ खड़ा है।

गौरतलब है कि किसी पत्रकार पर एफआईआर दर्ज होने का यह पहला मामला नहीं है। कुछ दिनों पहले ही एक मामले में वरिष्ठ पत्रकार विनोद दुआ पर दिल्ली के साथ हिमाचल प्रदेश में भी केस दर्ज हुए थे।

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