मुख्यमंत्री का विरोध करके रातों रात फेमस हुई थी IPS बृंदा, अब किया चुनाव लड़ने का ऐलान

NEW DELHI : सीएम से भिड़ने वाली महिला अफसर बृंदा लड़ेंगी चुनाव : पुलिस की नौकरी छोड़कर राजनीति में कदम रखने वाली मणिपुर की बृंदा चुनाव मैदान में उतरेंगी। उन्होंने कहा है कि वे जल्द बताएंगी कि किस पार्टी से लड़ेंगी। एनएबी में रह चुकीं बृंदा ने सीएम बीरेन सिंह पर आरोप लगाए थे। कहा था- सीएम ने ड्रग्स तस्करी के आरोपियों को छोड़ने के लिए दबाव डाला था।

वो IPS, जिसे सीएम पर आरोप लगाने के कारण 2 घंटे के लिए बनाया गया बंदी
मणिपुर में नारकोटिक्स विभाग की एएसपी ने थाउना ओजम बृंदा (Thounaojam Brinda) इन दिनों सुर्खियों में हैं. इस अफसर ने मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह पर आरोप लगाया कि उन्होंने ड्रग्स माफिया को छोड़ने के लिए दबाव बनाया था. ये बात IPS अफसर बृंदा ने इंफाल हाई कोर्ट में दिए गए एक शपथपत्र में कही थी, जो हाल ही में लीक हो गई. इस बीच बृंदा को कथित तौर पर लॉकडाउन प्रोटोकॉल तोड़ने के लिए दो घंटे के लिए हिरासत में लिया गया.

राजधानी इंफाल में पुलिस ने अफसर बृंदा को लॉकडाउन तोड़ने के आरोप में हिरासत में ले लिया था. दो घंटे बाद जुर्माना लेकर उन्हें छोड़ दिया गया. कथित तौर पर बृंदा देर रात गैरजरूरी वजहों से यात्रा कर रही थीं. बता दें कि फिलहाल होम मिनिस्ट्री की गाइडलाइन के मुताबिक नाइट कर्फ्यू में किसी को भी बिना बहुत जरूरी कारणों के बाहर निकलना मना है.ये वही पुलिस अधिकारी हैं, जिन्होंने सीएम पर आरोप लगाया था कि उन्होंने ड्रग माफिया की जांच में दखल दिया था और माफिया को छोड़ने के लिए उनपर दबाव बनाया था. आरोप इसलिए गंभीर माने गए क्योंकि बृंदा ने ये बात मणिपुर हाईकोर्ट में एक हलफनामा दाखिल करके कही.

मामला लगभग दो साल पुराना है. नारकोटिक्स एंड अफेयर्स ऑफ बार्डर ब्यूरो में तैनाती के दौरान बृंदा ने जून 2018 में एक हाई प्रोफाइल ड्रग माफिया को गिरफ्त में लिया था. लुहखोसेई जोउ नाम के इस शख्स के पास से भारी मात्रा में ड्रग्स मिला था. इसकी कीमत 29 करोड़ रुपए से ज्यादा आकी गई थी. बाद में बृंदा ने कोर्ट में हलफनामा दायर कर कहा कि जब वो ड्रग माफिया के खिलाफ कार्रवाई कर रही थी, तभी बीजेपी के एक लीडर ने फोन उनकी सीएम बीरेन सिंह से बात कराई थी. ये ड्रग्स सरगना जिले के प्रभावशाली बीजेपी नेताओं में से है, जिसकी कथित तौर पर खुद सीएम बीरेन सिंह ने पैरवी की.

41 वर्षीय बृंदा 4 बच्चों की मां हैं. उन्हें पुलिस महकमे में बहादुरी और ईमानदारी के लिए जाना जाता रहा है. इससे पहले साल 2018 में ही उन्हें फेडरेशन ऑफ इंडियन चेंबर ऑफ कॉमर्स से ड्रग रैकेट्स के पर्दाफाश के लिए सम्मान मिला था. उसी साल उन्हें गैलेंट्री मेडल भी मिला था. साल 2013 में मणिपुर पुलिस में आई ये अफसर फिलहाल ड्रग्स माफियाओं की लगातार धरपकड़ के कारण कथित तौर पर सजा पा रही हैं. उन्हें नारकोटिक्स विभाग से ट्रांसफर कर दिया गया. लेकिन बृंदा ने अब तक नई पोस्टिंग जॉइन नहीं की है. उनका कहना है कि नाइंसाफी सहने की बजाए टर्मिनेट किया जाना पसंद करेंगी.

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