चमकी बुखार पर बोल रहे थे पीएम मोदी के मंत्री, उंघते रहे केंद्रीय राज्य मंत्री अश्वनी चौबे

मुजफ्फरपुर में मस्तिष्क ज्वर से मासूमों की लगातार हो रही मौ-त के बाद सोयी हुई सरकार की नींद खुली। लेकिन एसकेएमसीएच में केंद्रीय मंत्री डॉ हर्षवर्धन, राज्य मंत्री अश्विनी चौबे और नगर विकास मंत्री सुरेश शर्मा की प्रेसवार्ता के दौरान का झपकी लेते हुए पाए गए। जिसके बाद यह फोटो शाम से ही फेसबुक से लेकर व्हाट्स एप पर वायरल हो गया व लोग तरह-तरह के कॉमेंट दे रहे है।

प्रेसवार्ता में केंद्रीय राज्य मंत्री अश्विनी चौबे से पत्रकारों ने तीखे सवाल पूछे। वे मीडिया के सवालों में उस समय उलझ गये, जब उनसे पूछा गया कि बच्चों के सुधि लेने में इतनी देरी क्यों हुई। इसपर मंत्री ने कहा कि हम जिस पद पर है, उसकी गरिमा व कई जिम्मेदारी है। ऐसा नहीं है कि हम बीमार बच्चों के बारे में नहीं सोच रहे थे। मुजफ्फरपुर एसकेएमसीएच पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन व केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी चौबे को मरीज के परिजनों का आक्रोश झेलना पड़ा।

दरअसल निरीक्षण के दौरान पीआइसीयू तीन से निकलते ही शिशु वार्ड संख्या छह के सामने बेड पर पड़े मरीज शिवचंद्र चौधरी के भाई कैलाश कुमार ने अश्विनी चौबे का हाथ पकड़ लिया। उसने कहा कि पिछले दो महीने से उसका भाई अस्पताल में भर्ती है, उसका इलाज सही से नहीं हो रहा है, इसे देखें। जिसके बाद सुरक्षाकर्मी ने कैलाश का हाथ मंत्री जी के हाथ से छुड़ाया और उसे अलग हटा दिया। इतना ही नहीं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन को जाप के कारकर्ताओं ने काले झंडे भी दिखाए।

लू से दूसरे दिन भी 120 लोगों की मौ-त : सूबे में भीषण गर्मी और लू का कहर जारी है। रविवार को भी हीट वेव से गया, औरंगाबाद, नवादा, पटना, पूर्वी बिहार, रोहतास, जहानाबाद, बक्सर और भोजपुर जिलों में 120 लोगों की मौ-त हो गई। शनिवार को भी लू ने 61 लोगों की जान ले ली थी। लू से दो दिन में 181 लोगों की जान जा चुकी है। हालांकि, 112 मौ-तों की आधिकारिक पुष्टि की गई है। लू से मरने वालों में अधिकतर 60 साल से अधिक उम्र के लोग हैं। प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में लू से पीड़ित 271 से अधिक मरीज भर्ती हैं।

इस बीच लोगों को लू के असर से बचाने के लिए राज्य सरकार ने एडवायजरी जारी करने के साथ ही कुछ एहतियाती उपाय किए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित जिलों में मरीजों के के लिए अतिरिक्त चिकित्सकों की तैनाती की है, वहीं, पीएचईडी ने गांवों और शहरों में पेयजल पहुंचाने के लिए अतिरिक्त टैंकरों की व्यवस्था की है। सभी कर्मियों की छुट्टी रद्द कर दी गई है। सोमवार को डॉक्टरों की हड़ताल से मरीजों के लिए मुसीबत बढ़ सकती है, हालांकि डाक्टरों ने लू व बुखार पीड़ितों का इलाज करने की बात कही है।

लू से सर्वाधिक मौ-तें औरंगाबाद, गया और नवादा जिलों में हुईं। इसकी वजहों में क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति भी एक है। यहां से कर्क रेखा के गुजरने और पहाड़ों की अधिकता के कारण गर्मी का असर ज्यादा होता है। औरंगाबाद में शनिवार को जहां लू से 30 मौ-त हुई थी वहीं रविवार को भी 30 की जान चली गई। गया में शनिवार को 20 जबकि रविवार को 30 की मौ-त हुई। नवादा में 18 लोग जान गंवा बैठे। पटना में 12 की मौ-त हुई लेकिन सीएस ने दो की ही पुष्टि की। रोहतास में 14 की जान चली गई। आरा में भी तीन जान गंवा बैठे। बांका, भागलपुर, खगड़िया व जमुई में सात की मौ-त हो गई। बक्सर में चार की मौ-त की सूचना है।

भीषण गर्मी में मुजफ्फरपुर व इसके आसपास के जिलों में चमकी बुखार (एईएस) से बच्चों की मौ-त का सिलसिला जारी है। 16वें दिन रविवार को 15 और बच्चों की मौ-त हो गई। इनमें से दो की मौ-त एसकेएमसीएच पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन के निरीक्षण के दौरान हो गई। डॉ. हर्षवर्द्धन ने अपनी पूरी टीम के साथ साढ़े तीन घंटे तक मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया। डॉक्टरों के साथ मैराथन बैठक के बाद उन्होंने मुजफ्फरपुर व आसपास के जिलों में फैले एईएस के प्रकोप को साल भर में नियंत्रित करने का दावा किया।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *