रामविलास पासवान ने नहीं कराया नह-केस, रामचंद्र पासवान को श्रद्धाजंलि देने पहुंचे नीतीश कुमार

केन्द्रीय मंत्री रामविलास पासवान के छोटे भाई एवं लोजपा सांसद रामचन्द्र पासवान के श्राद्धकर्म में देशभर के पार्टी नेता शामिल हुए। कार्यक्रम पार्टी के प्रदेश कार्यालय में हुआ। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के अलावा सिक्किम के राज्यपाल गंगा प्रसाद ने भी श्राद्धकर्म में शामिल होकर दिवंगत नेता को पुष्पांजलि दी।

 

शुक्रवार को लोजपा कार्यालय में ब्रह्मम्रोज का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रार्थना सभा भी हुई। विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी, पर्व केन्द्रीय मंत्री रामक॒पाल यादव, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय के अलावा बिहार सरकार के कई मंत्री दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना सभा में शामिल हुए। मौके पर संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष चिराग पासवान, दिवंगत नेता के बड़े भाई सांसद पशुपति कुमार पारस, छात्र लोजपा के अध्यक्ष प्रिंस कुमार, प्रवक्ता अशरफ अंसारी आदि भी मौजूद थे। सांसद की आत्मा की शांति के लिए पजा भी हई।


उधर दूसरी ओर सोशल मीडिया पर कुछ लोग केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान को ट्रोल कर रहे हैँ। इन लोगों का आरोप है कि रामविलास पासवान ने अपने छोटे भाई के श्राद्ध कर्म में हिंदू रीति रीवाज का ना तो पालन किया और ना ही नह केस करवाया। जानकारों की माने तो परलोक गमन के दसवें दिन लोगों को अपने बाल और नाखुन कटाने होते हैं।

रामचंद्र पासवान का सियासी सफर- रामचंद्र पासवान 1999 में पहली बार जदयू के टिकट पर पहुंचे थे संसद। 2004 में लोक जनशक्ति पार्टी के टिकट पर दूसरी बार चुनावी मैदान में उतरे और जदयू के दशाई चौधरी को पराजित किया। 2009 में जदयू के महेश्वर चौधरी से चुनाव हार गये। 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में रामचंद्र पासवान ने राजद के अशोक कुमार को हराकर तीसरी बार संसद पहुंचे। 2019 लोकसभा चुनाव में रामचंद्र पासवान चुनाव जीतकर चौथी बार दिल्ली पहुंचे।

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