फिर टूटा सिमरिया का राजेन्द्र सेतु, प्रशासन ने भारी वाहनों का परिचालन रोका

Oउत्तरी बिहार को जोड़ने वाली राजेंद्र सेतु सड़क मार्ग पन्द्रह दिनों के अंदर दुबारा क्षतिग्रस्त हो गई। सेतु की सुरक्षा के मद्देनजर उससे होकर भारी वाहनों के परिचालन पर डीएम ने रोक लगा दी है।

डीएम राहुल कुमार ने बताया कि इस संबंध में बेगूसराय सदर व तेघड़ा एसडीओ समेत स्थानीय थाने के पुलिस अधिकारी को आदेश दिया गया है। जीरोमाइल से ही भारी वाहनों को डायवर्ट कर दिया जाएगा। इस संबंध में रेलवे व पटना जिला प्रशासन से समन्वय स्थापित किया जा रहा है।

दुबारा सड़क टूटने की खबर की सूचना मिलते ही रेल और एनएचआई के अधिकारियों में हड़कम्प मच गया। सड़क मार्ग के धंसने की सूचना पर बुधवार को हाजीपुर ब्रिज के डिप्टी चीफ इंजीनियर शैलेन्द्र कुमार व एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर राजीव नैनन ने राजेन्द्र सेतु पहुंच घटनास्थल का निरीक्षण किया।

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मौके पर पहुंचे एनएचआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर राजीव नैनन ने बताया कि क्षतिग्रस्त हो चुके पुल के सड़क मार्ग की ठोस मरम्मत के लिए रेल और एनएचआई की टीम बैठक कर रही है। वहीं पटना और बेगूसराय जिला प्रशासन से मिलकर भारी वाहनों को रोका जाएगा। इन्होंने बताया कि क्षतिग्रस्त सड़क को बनाने की प्रक्रिया की जा रही है। शुक्रवार से सभी बड़ी वाहनों को रोक दिया जाएगा। हालांकि छोटी गाड़ी चलेगी। अनुमंडलाधिकारी बाढ़ सुमित कुमार सिंह ने कहा कि बड़ी गाड़ियों रोकने के लिए पुल के दोनों तरफ बैरियर लगाया जा रहा है। विदित हो कि निर्माणाधीन छह लेन के सड़क पुल के पूरा होने में अभी कई वर्ष लगेंगे।

पुल की स्थिति को देखते हुए पटना और बेगूसराय जिलाधिकारी से मिलकर भारी वाहनों को अविलंब रोका जाएगा। इसके लिए पुल के दोनों छोरों के प्रवेश से पहले एनएचआई को हाइट गेज लगाने के लिए कहा गया है। पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से के ठीक होने तक परिचालन रुका रहेगा। -शैलेश कुमार, डिप्टी चीफ इंजीनियर,रेल पुल ।

15 अगस्त को राजेन्द्र पुल का सड़क मार्ग टूटने के बाद भी संबंधित अधिकारी सचेत नही हुए। टूटे भाग को मरम्मत कर परिचालन कराया जाने लगा। इस दौरान ओवरलोडेड वाहनों को रोकने की कोई व्यवस्था नही की गई। धड़ल्ले से भारी वाहनों का आवागमन जारी रहा। जबकि बीते 15 अगस्त के निरीक्षण में ही दर्जनभर जगहों पर पुल में दरारें देखी गई थी। दरअसल रेल अधिकारियों द्वारा राजेंद्र सेतु से गुजरने वाली वाहनों की अधिकतम क्षमता 32 टन तय की गई थी। लेकिन 70 टन से 100 टन वाले वाहनों को गुजरते देखा गया नतीजा यह हुआ कि गुरुवार को फिर दुबारा सड़क मार्ग का दो फुट भाग टूट गया।

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