राजीव गाँधी की ख़ुद्दार बेटी हूँ, किसानों से ग़द्दारी नहीं कर सकती-प्रियंका गाँधी

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गाँधी ने आज मुज़फ्फरनगर के बघरा गाँव आयोजित किसान पंचायत में कहा कि वे राजीव गाँधी की खुद्दार बेटी हैं। किसानों के साथ ग़द्दारी नहीं कर सकतीं। राजनीति में मुँह दिखाने नहीं आयीं। किसानों के संघर्ष में बार-बार शामिल होती रहेंगी। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की तुलना अहंकारी राजा से करते हुए कहा कि जब राकेश टिकैत की आँखों में आँसू निकल रहे थे तो मोदी के ओठों पर हँसी थी।

किसान आंदोलन में कांग्रेस अब पूरी तरह कूद पड़ी है। उसकी जय-जवान, जय किसान महापंचायतों का सिलसिला सहारनपुर और बिजनौर के बाद आज मुज़फ्फरनगर पहुँचा था। प्रियंका गाँधी ने केंद्र की मोदी सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि  90 दिनों से लाखों किसान दिल्ली के बाहर बैठे हुए हैं। 215 किसान अब तक शहीद हो चुके हैं।

लेकिन चीन, पाकिस्तान, अमरीका जाने वाले पीएम मोदी कुछ किलोमीटर दूर उनसे मिलने नहीं जा सके। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारी किसानों को प्रताड़ित किया गया, उनकी बिजली-पानी काटी गयी, दिल्ली की सीमा को देश की सीमा जैसी बना दिया गया। जो किसान अपने बेटों को सरहद पर देश की रखवाली के लिए भेजते हैं, उन्हें अपमानित किया गया, उन्हें देशद्रोही और आतंकवादी कहकर ज़लील किया गया। प्रधानमंत्री ने संसद में किसानों का मज़ाक़ उड़ाया। उन्हें आंदोलनजीवी और परजीवी कहा।

कांग्रेस महासचिव ने कहा कि इंसान की तरह देश का भी एक हृदय होता है जिसके धड़कने से देश जीवित रहता है। देश का दिल किसान है जो ज़मीन को सींचता है, उपजाता है, देश को जीवित खता है। लेकिन जब चौधरी राकेश टिकैत के आंखों में आसूँ आते हैं तो प्रधानमंत्री के ओठों पर हँसी आती है।

प्रियंका गाँधी ने कहा कि पीएम मोदी ने किसानों की आमदनी दोगुनी करने का वादा किया था। गन्ने के बकाये का जल्द भुगतान करने को कहा था। किसानों का बकाये 15 हज़ार करोड़ है जिसे उन्होंने नहीं दिलाया लेकिन अपने लिए 16 हज़ार करोड़ में अपने लिए दो हवाई जहाज उन्होंने ख़रीद लिये। बीस हज़ार करोड़ रुपये की स्कीम बन रही है ताकि संसद के आस पास सुंदरीकण किया जा सके।किसानों की परेशानी लगातार बढ़ रही है। डीज़ल, खाद से लेकर गैस सिलेंडर तक के दाम बढ़ते जा रहे हैं। जबकि गन्ने का दाम वही है। 

कांग्रेस महासचिव ने कहा कि मोदीजी के पूंजीपति मित्र हज़ारों करोड़ कमा रहे हैं। कृषि कानूनों से धीरे–धीरे सरकारी मंडियां बंद हो जाएंगी। प्राइवेट मंडियों के खुलने से पूंजीपतियों की चलेगी। जो चाहेंगे वो करेंगे। इस कानून के तहत किसानों की सुनवाई नहीं है। किसान अदालत नहीं जा सकते। एसडीएम के पास जाना होगा। किसान लड़ नहीं सकते, ये नए कानूनों में लिखा है। 

प्रियंका गाँधी ने कहा कि पुरानी कहानियों में अहंकारी राजा होता था, हमारे प्रधानमंत्री जी भी अहंकारी राजा बन गए हैं जिसे किसानों की आवाज़ सुनाई नहीं पड़ रही है। जो जवान इस देश की सीमा की सुरक्षा पर तैनात है वो  किसान का बेटा है। उनका सम्मान होना चाहिए। पीएम मोदी बताएं कि ये कानून किस किसान से पूछकर बनाया गया है। 

प्रियंका ने अपने पिता और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के समय चले किसान आंदोलन का ज़िक्र करते हुए कहा कि ‘जब आपने संघर्ष किया था तो मेरे पिता जी राजीव गांधी ने आपकी बातें मानी थीं। मेरे पिता जी ने आपको सम्मान दिया था। मैं भी खुद्दार हूं, मैं ग़द्दारी नहीं करूंगी। मैं राजनीति के लिए मुंह दिखाने के लिए नहीं आई। मैं बार बार आती रहूंगी. हम आपके साथ संघर्ष करेंगे। आप पीछे मत हटिए. इस सरकार को पीछे हटना पड़ेगा।’

प्रियंका गाँधी के तेवर से साफ़ है कि वे इन किसान पंचायतों के जरिये कांग्रेस कार्यकर्ताओं में एक नया जोश भरना चाहती हैं। आंदोलन के ज़रिये संगठन मज़बूत करने की रणनीति पार्टी को कितना ऊँचाई पर ले जायेगी, ये तो भविष्य बतायेगा लेकिन प्रियंका गाँधी को  सुनने के लिए भारी भीड़ भी उमड़ रही है, ये सच है।

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