RBI से यूं पौने दो लाख करोड़ अदानी और अंबानी के लिए जाना बहुत बडा संदेश देता है…

रिजर्व बैंक से यूं पौने दो लाख करोड अदानी और अंबानी के लिए जाना बहुत बडा संदेश देता है। मुझे आज श्‍यामानंद झा की याद आ रही है। आप जानते हैं वो कौन थे..थोडा वक्‍त निकालकर इसे पढिए…ऐसे भी लोग हुए हैं आजाद भारत में..

तिरहुत का खजाना और श्‍यामानंद झा : आखिरी तिरहुत सरकार महाराजा कामेश्‍वर सिंह की मौत के बाद उनकी अकूत संपत्ति का एक तिहाई हिस्‍सा तिरहुत की जनता को मिलनी थी। महाराज के बिल के तहत उनकी संपत्ति की देखरेख एक न्‍यास को करना था। जब पटना उच्‍च न्‍यायालय के न्‍यायाधीश लक्ष्‍मीकांत झा को पता चला कि खजाने में सैकडों किलो सोना रखा है और वो सोना उनके अधिकार में आ गया है, तो उनका लालच सार्वजनिक हो गया। वो सीधा तिरहुत के खजांची के पास गये और खजाना खोलने को कहा।

तत्‍कालीन खजांची ने इनकार कर दिया। खजांची ने कहा कि यह खजाना तभी खुलेगा जब खंडवाला कुल का कोई आपके साथ आयेगा। लक्ष्‍मीकांत झा के साथ गये बाकी के तीन न्‍यासी ने खजांची को धमकी दी कि महाराजा मर गये और अब वो इस खजाने के मालिक हैं। खजांची ने कहा कि आपका खुद को मालिक कहना ही मुझे आप पर संदेह पैदा कर रहा है। आप इस संपत्ति को देखने नहीं लूटने आये हैं। हमारा काम इस खजाने की रक्षा करना है। न्‍यासी ने इस पर बस इतना कहा कि आप इस खजाने को ज्‍यादा दिनों तक नहीं बचा पायेंगे।

खजांची के पास दूसरा कोई रास्‍ता नहीं था। चित्रगुप्‍त पूजा का वो दिन था। वो खजाने की चाभी लेकर चुपचाप बडी महारानी राजलक्ष्‍मी के पास गये और कहा, मैं राज खजाने की रक्षा अब आगे शायद नहीं कर पाउंगा, इसलिए यह चाभी आपके चरणों में रख रहा हूं। मैं इस पाप से खुद को मुक्‍त कर रहा हूं कि तिरहुत की जनता कल मुझे या मेरे वंशज को चोर और लुटेरा कहे। यह तिरहुत की संपत्ति है और आप तिरहुत की संरक्षक हैं। मुझे मेरे दायित्‍व से मुक्‍त करें…महारानी उन्‍हें अपने आंचल में रखी सुपारी सौंपते हुए बस इतना कहा कि जब महाराज ही नहीं रहे तो फिर ..जो मां कंकाली चाहती हैं, होने दीजिए…।

तिरहुत सरकार के आखिरी खजांची की मौत महारानी को चाभी सौंपने के एक सप्‍ताह बाद हो गयी। उनकी ईमानदारी की चर्चा किसी किताब में उल्‍लेखित नहीं हुई। उनकी मौत के दो माह बाद 2 करोड का सोना दो लाख में बेच दिया गया। 528 किलो सोना तो मोरारजी को भेंट कर दिया गया। इसके एवज में न्‍यासी को क्‍या मिला यह बात बाद में बताउंगी. ..आगे मां कंकाली की जो मर्जी….।

लेखक : कुमुद सिंह, ई समाद

One thought on “RBI से यूं पौने दो लाख करोड़ अदानी और अंबानी के लिए जाना बहुत बडा संदेश देता है…

  • अगस्त 28, 2019 at 3:31 अपराह्न
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    Good day! This post could not be written any better!
    Reading this post reminds me of my previous room mate!
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    to him. Fairly certain he will have a good read. Many thanks for sharing!

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