17 साल की उम्र में भागकर मुम्बई गए थे मुकेश सहनी, देवदास-बजरंगी भाईजान में मिला काम करने का मौका

एक गरीब मछुआरा परिवार में जन्म लेने वाले लड़के ने वो दौर देखा है, जहां दो वक्त का खाना मिल पाना ही बहुत था। अंततः मैं गरीबी से त्रस्त होकर मुम्बई चला गया। वहां फिल्मों के सेट पर, मजदूरी की। लेकिन सपने देखना और अपनी काबिलियत पर यकीन रखना मैंने कभी नहीं छोड़ा। मैं मानता हूं कि बिहार या देश के हर युवा में, चाहे वो किसी जाति, धर्म और सम्प्रदाय से आता हो, उसमें सपने देखने और उन्हें हर हाल में पूरा करने का जूनून होना बेहद जरूरी है।

कभी करते थे सेल्समैनी फिर बॉलीवुड में आज़माया हाथ; दिलचस्प है VIP अध्यक्ष मुकेश सहनी की कहानी : पिछले सप्ताह महागठबंधन छोड़ने का ऐलान करने वाले मुकेश साहनी की विकासशील इंसाफ पार्टी एनडीए में शामिल हो गई। बिहार की राजनीति में ‘सन ऑफ मल्लाह’ के नाम से मशहूर मुकेश साहनी की वीआईपी को भाजपा ने अपने कोटे से चुनाव लड़ने के लिए 11 विधानसभा सीटें और एक एमएलसी सीट दी है। पिछले सप्ताह सीट बंटवारे को लेकर नाराजगी जताते हुए मुकेश साहनी ने प्रेस कांफ्रेंस में ‘पीठ में खंजर घोंपने’ का आरोप लगाते हुए महागठबंधन छोड़ दिया था।

बिहार के मुजफ्फरपुर के रहने वाले मुकेश साहनी राजनीति में कदम रखने से पहले बॉलीवुड फिल्मों में सेट डिजाइनर थे। 19 साल की उम्र में फिल्मी दुनिया में किस्मत आजमाने के लिए मुकेश साहनी अपने घर से भाग गए थे। घर से भागने के बाद मुकेश साहनी को मुंबई में सेल्समैन की नौकरी करनी पड़ी। इसके बाद मुकेश साहनी फिल्म और टीवी सीरियल्स के सेट बनाने लगे।

इसके लिए मुकेश साहनी ने एक इवेंट मैनेजमेंट कंपनी भी खोली थी जिसका नाम उन्होंने ‘मुकेश सिने वर्ल्ड प्राइवेट लिमिटेड’ रखा था। शाहरुख खान की सुपरहिट फिल्म ‘देवदास’ का सेट भी मुकेश साहनी ने ही बनाया था।मुंबई में खूब नाम और पैसा कमाने के बाद मुकेश साहनी फिर से बिहार लौट आए। 2013 में मुकेश साहनी ने बिहार की राजनीति में कदम रखा। 2014 लोकसभा चुनाव में मुकेश साहनी ने भाजपा का समर्थन किया था। 2015 विधानसभा चुनाव में जेडीयू-आरजेडी-कांग्रेस के महागठबंधन के कारण भाजपा के लिए मुकेश साहनी की अहमियत बढ़ गई थी।

निषाद समाज की राजनीति करने वाले मुकेश साहनी ने 2015 विधानसभा चुनाव में भाजपा नेता अमित शाह के साथ सबसे ज्यादा संयुक्त सभाएं की थी। 2017 में जदयू के फिर से एनडीए में शामिल होने के बाद से मुकेश साहनी के अहमियत घटती चली गई।अपनी राजनैतिक ताकत का एहसास दिलाने के लिए कभी फिल्मों में सेट डिजाइनर रहे मुकेश साहनी ने नवंबर 2018 में विकासशील इंसाफ पार्टी का गठन किया। मल्लाहों की राजनीति करने वाले मुकेश साहनी की वीआईपी पार्टी का चुनाव चिन्ह ‘पानी में तैरती नाव’ है। इस चुनाव चिन्ह का मल्लाहों से एक अलग जुड़ाव भी है।

नई पार्टी बनाने के बाद 2019 के लोकसभा चुनाव में मुकेश साहनी आरजेडी और कांग्रेस महागठबंधन के साथ मिलकर चुनावी मैदान में उतरे थे। पर मोदी लहर में उनकी पार्टी खाता भी नहीं खोल सकी।अब मुकेश साहनी फिर से एनडीए के साथ हैं । जाहिर है आगामी विधानसभा चुनाव में निषाद वोटरों को अपने पक्ष में लामबंद करने के लिए एनडीए बॉलीवुड में सेट डिजाइनर रहे मुकेश साहनी का भरपूर उपयोग करेगा।

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