बिहार के बेईमान अधिकारियों की अब खैर नहीं, सभी राज्यकर्मियों को देना होगा संपत्ति का ब्योरा

बिहार सरकार ने आईएएस-आईपीएस अफसरों के बाद अब ग्रेड ए से लेकर सी तक के सभी अधिकारियों और कर्मियों को चल एवं अचल संपत्ति का विवरण 15 फरवरी 2021 तक देने का निर्देश दिया है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग में सभी विभागों के अपर मुख्य सचिवों, प्रधान सचिव, प्रमंडलीय आयुक्त और सभी जिला पदाधिकारियों को पत्र लिखा है। उसके मुताबिक राज्य सरकार एवं उनके अधीन सभी उपक्रमों में कार्यरत कर्मी अपनी संपत्ति का विवरण 15 फरवरी तक अपने निकासी एवं पदाधिकारी को देंगे।

वरीय अधिकारियों को कहा गया है कि फरवरी महीने की वेतन निकासी करने से पहले यह सुनिश्चित करा लें कि उनके अधीन के कर्मियों ने अपनी चल एवं अचल संपत्ति का विवरण तय फार्मेट में जमा कर दिया है। पत्र में कहा गया है कि पिछले साल की तरह इस वर्ष भी अखिल भारतीय सेवा के सभी पदाधिकारियों तथा राज्य सरकार एवं उनके अधीनस्थ बोर्ड, निगम, सोसायटी के समूह क, ख एवं ग के सभी पदाधिकारियों एवं कर्मियों का चल एवं अचल संपत्ति विवरण सार्वजनिक किया जाना है। सभी पदाधिकारियों एवं कर्मियों की चल एवं अचल संपत्ति की विवरणी 31 मार्च तक विभागीय वेबसाइट पर सार्वजनिक किया जाना है।

पुलिस मुख्यालय में बैठे अफसर टेलीफोन पर नहीं, जिलों में जाकर कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा करेंगे
जिलों में हो रहे अपराध और लाॅ एंड आर्डर की अब आॅन द स्पाॅट समीक्षा होगी। पुलिस मुख्यालय में बैठे अफसर टेलीफोन पर नहीं बल्कि संबंधित जिले में जाकर उसकी समीक्षा करेंगे। पुलिस मुख्यालय ने अपराध नियंत्रण के लिए यह नया फार्मूला अख्तियार किया है। नालंदा से इसकी शुरुआत भी हो गई। एडीजी (विधि-व्यवस्था) अमित कुमार ने गुरुवार को नालंदा जाकर जिले में अपराध की स्थिति की समीक्षा की। जिले के एसपी नीलेश कुमार को निर्देश दिया कि जिन मामलों में पुलिस ने अपराधियों को चिह्नित कर लिया है उनमें तत्काल गिरफ्तारी सुनिश्चित करें। उन्होंने जिले में लंबित 9 हजार मामलों को भी समीक्षा की। एडीजी ने अफसरों से कहा कि हर हाल में इनको तेजी से निपटाएं और कम से कम एक तिहाई तक ले आएं।

दरअसल, बुधवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विधि-व्यवस्था की समीक्षा के लिए खुद पटेल भवन स्थित पुलिस मुख्यालय पहुंच गए थे। अपराध नियंत्रण को लेकर वे पुलिस अधिकारियों के साथ लगातार समीक्षा कर भी रहे हैं। सूत्रों के अनुसार इसी कड़ी में पुलिस मुख्यालय को यह नया टास्क भी मिला है। पुलिस मुख्यालय के अनुसार अपराध एवं विधि-व्यवस्था के दृष्टिकोण से प्रभावित एवं संवेदनशील जिलों की समीक्षा क्रमिक रूप से बिहार पुलिस मुख्यालय के सीनियर अफसर संबंधित जिला मुख्यालय में जाकर करेंगे। समीक्षा क्षेत्रीय पदाधिकारियों के साथ की जाएगी जिसमें संबंधित जिला में पिछले छह माह के दौरान हुई महत्वपूर्ण घटनाओं की समीक्षा होगी। इसमें खासतौर पर महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील गंभीर मामलों की प्राथमिकता के आधार पर समीक्षा होगी। समीक्षा के बाद अपराध पर प्रभावी नियंत्रण और कांडों के उद्भेदन के लिए समीक्षा करने वाले पदाधिकारी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करेंगे। अनुसंधान में सहयोग के लिए बिहार पुलिस की विभिन्न इकाइयों से समन्वय स्थापित करने एवं आवश्यक संसाधनों की आपूर्ति के लिए पुलिस मुख्यालय आवश्यक कार्रवाई करेगा।

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