सक्षमता परीक्षा फेल करने वाले सरकारी शिक्षकों को नौकरी से नहीं निकाला जा सकता, CM नीतीश को हाई कोर्ट का झटका

सक्षमता परीक्षा सही लेकिन पास करना अनिवार्य नहीं : हाईकोर्ट –

हाईकोर्ट ने बिहार विद्यालय विशिष्ट शिक्षक नियमावली को चुनौती देने वाली अर्जी का निपटारा कर दिया। कोर्ट ने कहा कि सक्षमता परीक्षा सही है। लेकिन, इसे पास करना जरूरी नहीं है। साथ ही कोर्ट ने इस नियमावली के नियम 4 और 12 को निरस्त कर दिया।

वहीं, नियोजित शिक्षकों के लिए स्थानीय निकाय शिक्षक नियमावली 2020 की तर्ज पर शिकायत निवारण प्रदान करने को कहा। कोर्ट ने सरकार को एक अनुपात तय करने का आदेश दिया ताकि नियोजित शिक्षक प्रोन्नति के हकदार हों। मंगलवार को मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति के विनोद चन्द्रन व न्यायमूर्ति हरीश कुमार की खंडपीठ ने 15 अर्जी पर सुनवाई के बाद 88 पन्ने का आदेश दिया।

मुख्यत: चार मुख्य बिंदुओं पर फैसला दिया

1. हाईकोर्ट ने राज्य में कार्यरत स्थानीय निकाय शिक्षकों के लिए सक्षमता परीक्षा को सही ठहराया

2. हाईकोर्ट ने नई शिक्षक नियमावली के नियम 4 को निरस्त कर दिया जिसके तहत सभी शिक्षकों को सक्षमता परीक्षा उत्तीर्ण करना है

3. बिहार शैक्षिक संस्थागत शिक्षक और कर्मचारी (शिकायत निवारण और अपील नियमावली 2020) के नियम 12 को भी निरस्त कर दिया, जिसके तहत जिला व राज्य स्तरीय अपीलीय प्राधिकार में लंबित मामलों का इस नियमावली के लागू होने की तिथि से 6 माह के भीतर निपटारा किया जाना था। नियमावली के लागू होने की तिथि से प्राधिकार कोई भी नया केस स्वीकार नहीं करेगा

4. निर्धारित उचित शर्तों के तहत प्रत्येक संवर्ग के लिए पदोन्नति पर विचार करने का आदेश दिया

शिक्षकों को हटाने का फैसला कभी नहीं लिया गया : विजय

पटना। संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा है कि सक्षमता परीक्षा में फेल करने वाले या परीक्षा नहीं देने वाले नियोजित शिक्षकों को हटाने का फैसला सरकार ने कभी लिया ही नहीं था। सक्षमता परीक्षा के आयोजन पर ही आपत्ति जताते हुए चुनौती दी गई थी, जिसे कोर्ट ने नहीं माना।

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