अभी-अभी : महराष्ट्र पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला, कांग्रेस की मांग-24 घंटे में हो फ्लोर टेस्ट

Maharashtra Government Formation Live News Updates: महाराष्ट्र में भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली राज्य सरकार को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। सुप्रीम कोर्ट में कांग्रेस-एनसीपी-शिवसेना की तरफ से पहुंचे कपिल सिब्बल ने तीन जजों की बेंच से रविवार (24 नवंबर, 2019) को मामले में सुनवाई करने के लिए शुक्रिया कहा। साथ ही माफी भी मांगी कि उन्हें रविवार को कोर्ट रूम में आना पड़ा। इसके जवाब में कोर्ट ने कहा कि ये उनका काम है। इसी बीच महाराष्ट्र सरकार के गठन पर सवाल उठाते हुए कपिल सिब्बल ने कहा कि बहुमत के लिए 145 विधायकों की जरुरत है। प्रदेश से मनमाने तरीके से राष्ट्रपति शासन हटाया गया। सिब्बल ने कहा, ‘सरकार के पास बहुमत है तो आज ही साबित करे।’

इसके जवाब में जस्टिस भूषण ने कपिल सिब्बल से पूछा कि विधायकों के समर्थन की चिट्ठी राज्यपाल को कब सौंपी गई? जस्टिस भूषण ने आगे कहा कि अगर राज्यपाल आश्वस्त हैं तो सरकार गठन के लिए न्योता दे सकते हैं। इस पर सिब्बल ने फिर कहा, ‘जल्द से जल्द फ्लोर टेस्ट हो।’ उन्होंने करीब 15 मिनट तक तीन जजों की बेंच के समक्ष अपना पक्ष रखा।

इस पर सरकार की तरफ से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल (एसजी) तुषार मेहता ने कहा कि विपक्ष को हाईकोर्ट जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि मौलिक अधिकारों पर आप सुप्रीम कोर्ट नहीं आ सकते।

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