मेरे जिगरी दोस्त नहीं कभी नहीं बताया कि उसका बाप एक CM है, अखिलेश यादव की पुरानी फोटो वायरल

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जी और श्री नीरज इंजीनियरिंग में सहपाठी रहे हैं। नीरज जी ने 1994 की एक पुरानी तस्वीर शेयर कि है जिसमें अखिलेश जी उन्हें विदा करने के लिए मैसूर स्टेशन के प्लेटफार्म पर आए हैं। नौजवान अखिलेश नीरज का ट्रंक उठाकर बोगी में चढ़ा रहे हैं।

नीरज कहतें हैं कि वो चार साल तक रोज़ उस लड़के से मिलते रहे । एक ही कमरे में घंटों बैठ बातें करते । इम्तहान भी दिया तो आगे पीछे बैठकर। उन्हें कभी कभी शक होता था कि इसका चेहरा किसी बड़े नेता के परिवार से मिलता है। वे सोचते मगर सोच कर रह जाते । पूछते भी तो सुनकर चुप हो जाते । जवाब यही मिलता कि दूर दूर तक मुलायम सिंह यादव जी से नाता नहीं है। फिर से दोनों पढ़ाई की बातें करने लगते। एक दूसरे के कमरे में आने जाने लगते।

एक दिन एडमिट कार्ड पर दिखा कि पिता के नाम के आगे एम एस यादव ही लिखा है। फिर पूछ बैठे कि लगते तो उन्हीं के बेटे हो। तुम्हारे चाचा वगैरह तो नहीं लगते। मगर वो लड़का कह देता कि मेरे पिता जी किसी कंपनी में मैनेजर हैं। राजनीति से दूर दूर तक नाता नहीं। वो लड़का अपने वजूद को लेकर इतना सामान्य था कि नाक और चेहरा मिलने के बाद भी शक नहीं होने दिया कि किसी ख़ास का बेटा है।

जब पढ़ाई पूरी कर अपने अपने घर जाने का वक्त आया तो नीरज़ ज़ी उस लड़के के पास अलविदा कहने गये । बाहर ब्लैक कैट कमांडो देखकर सहम गए । सोचने लगे कि कोई बात तो नहीं हो गई। पुलिस वुलिस आई है। घर के अंदर गये तो देखा कि मुलायम सिंह यादव जी बैठे हैं। शायद चाचा लोगों में से भी कोई था। ये सब अखिलेश यादव जी को मैसूर से इटावा ले जाने आए थे। नीरज जी जो कि भोले-भाले हैं वो पूछने लगे.. ” अरे तुम तो बोले थे कि बाबूजी मैनेजर हैं। ये तो मुलायम सिंह यादव हैं। नेता जी। “

अखिलेश यादव ने जी ने कहा कि ” नहीं बताता था ,वरना तुम भी बड़े बाप का बेटा समझकर मुझसे बर्ताव करते। हम लोग सामान्य तौर पर कहाँ मिल पाते। हम किसके बेटे हैं उससे क्या फर्क पड़ता है।

-जन विचार संवाद ग्रुप(FB)

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