बिहार में विपक्ष की राजनीति को गहरा झटका, शिवानंद तिवारी ने राजनीति से लिया सन्यास

बिहार में विपक्ष की राजनीति को गहरा झटका, शिवानंद तिवारी ने राजनीति को कहा बाय -बाय

राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और वरिष्ठ समाजवादी नेता शिवानंद तिवारी ने अब राजनीति से खुद को अलग रहने का एलान किया है. आज सोशल मीडिया पर शिवानंद ने लिखा है कि थकान महसूस कर रहा हूं शरीर से ज्यादा मन से थकान है. संस्मरण लिखना चाहता था वह भी नही कर पा रहा इसलिये जो कर रहा हूं उससे छुट्टी पाना चाहता हूं.
shivanand tiwari and nitish
संस्मरण लिखने का प्रयास करूंगा. लिख ही दूंगा ऐसा भरोसा भी नही है. लेकिन प्रयास करूंगा. इस लिये राजद की ओर से जिस भूमिका का निर्वहन अब तक मैं कर रहा था उससे छुट्टी ले रहा हूं. समाजवादी नेता और बिहार के पूर्व गृह मंत्री स्व रामानंद तिवारी के पुत्र शिवानंद जी समाजवादी विचार धारा के कट्टर समर्थक रहे हैं. राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राजनीतिक मित्र रहे शिवानंद अपने बेवाक बयानो के लिये जाने जाते रहै हैं.

जिस दल और नेता के साथ वे रहे पूरी मजबूती के साथ रहे . लेकिन वर्तमान समय में बिहार में विपक्ष की राजनीति और खासकर राजद की भूमिका से असंतुष्ट शिवानंद ने अब राजनीति से खुद को अलग रखना ही मुनासिब समझा है. हालांकि 2014 में जद यू से राज्य सभा का टिकट दूसरी बार नही मिलने से नाराज श्री तिवारी ने कुछ दिनो के बाद ही राजनीति से सन्यास लेने का एलान किया था लेकिन लालू प्रसाद के आग्रह पर फिर सक्रिय राजनीति में आये और राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी निभाई.

निश्चित रूप से शिवानंद के इस फैसले से बिहार में विपक्ष और खासकर राजद को गहरा झटका लगा है. देखते है आने वाले समय में शिवानंद अपना संस्मरण लिख पाते है या नही. लेकिन अगर वे लिख पाते है तो बिहार की राजनीति में कई ऐसे पन्ने है जिनकी परत को खोल वह देश की जनता के सामने लाने में कामयाब होगें.

अशोक कुमार मिश्रा, कशिश न्यूज़

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