जम्मू कश्मीर में शहीद हुआ बिहार का लाल, सीतामढ़ी के लोगों ने नाम आखों से दी पिंटू को विदाई

जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में बर्फीले तूफान की चपेट में आकर शहीद हुए जवानों में एक नायक पुरुषोत्तम कुमार उर्फ पिंटू ठाकुर सीतामढ़ी के परिहार प्रखंड अंतर्गत सुतिहारा वार्ड नंबर-12 के श्रीराम ठाकुर के ज्येष्ठ पुत्र थे। शहीद के भाई एनएसजी कमांडो मिंटू ठाकुर ने दूरभाष पर बताया कि उनके भाई 13 जनवरी, 2003 को सेवा में गए। उनको एक पुत्र व दो पुत्रियां हैं। बच्चों के नाम क्रमश: अनामिका उर्फ लक्की कुमारी (11), पुष्कर कुमार (9) लाधिमा उर्फ लाखी (6) हैं। उनके पिता गया में प्रेस में कार्यरत थे। अब सेवानिवृत्त होकर सपरिवार वहीं रहते हैं।

जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में छह दिन पूर्व हिमस्खलन में शहीद हुए सेना के नायक पुरुषोत्तम कुमार उर्फ पिंटू ठाकुर का पार्थिव शरीर शनिवार को पंचतत्व में विलीन हो गया। उनका दाह संस्कार गया के विष्णुपद स्थित श्मशान घाट पर राजकीय सम्मान के साथ किया गया। शहीद के इकलौते पुत्र पांच वर्षीय पुष्कर कुमार ने अपने पिता को मुखाग्नि दी। मासूम बेटे को मुखाग्नि देते देख शहीद के बुजुर्ग पिता श्रीराम ठाकुर के साथ उपस्थित लोगों की आंखें डबडबा उठीं।

इससे पहले शहीद पुरुषोत्तम कुमार का पार्थिव शरीर रविवार की सुबह पटना से शहर के चंदौती थाना क्षेत्र स्थित डीवीसी ग्रिड के पीछे उनके आवास पर पहुंचा। तिरंगे में लिपटे पार्थिव शरीर को देख पत्नी अर्चना कुमारी, वृद्ध पिता श्रीराम ठाकुर, बेटी अनामिका व लाधिमा व भाई प्रशांत कुमार (एनएसजी में कमांडो) फफककर रो उठे। गमगीन माहौल में पत्नी अर्चना कुमारी अपने पति के निर्जीव हो चुके चेहरे को बड़ी देर तक निहारती रहीं। कुछ देर बाद अंतिम यात्र निकाली गई। जिसमें ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (ओटीए) के फूलों से सजे वाहन पर शहीद का पार्थिव शरीर रखा गया था। अंतिम यात्र में बड़ी संख्या में लोग, अधिकारी व जनप्रतिनिधि शामिल हुए। सैन्य अधिकारी व जवान साथी के पार्थिव शरीर को कंधे पर उठाए श्मशान घाट की ओर बढ़ रहे थे।

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