Petrol 36.04 रुपये लीटर और Diesel 36.45 रुपये लीटर मिलेगा, यदि सरकार टैक्‍स खत्‍म कर दे

नई दिल्‍ली। पिछले 17 दिनों में ईंधन की कीमतों के रिकॉर्ड स्‍तर पर पहुंचने से आम जनता को अब परेशानी होने लगी है। 1 फरवरी को पेश हुए बजट में नया एग्रीकल्‍चर इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर एंड डेवलपमेंट सेस की घोषणा से लेकर अबतक पेट्रोल 3.75 प्रतिशत और डीजल 4.5 प्रतिशत महंगा हो चुका है।

उस समय सरकार ने कहा कि नया उपकर उपभोक्‍ताओं की जेब पर असर नहीं डालेगा क्‍योंकि पेट्रोल-डीजल पर उसी अनुपात में एक्‍साइज ड्यूटी में कटौती की जाएगी। हालांकि यह देखने वाली बात है कि बजट वाले दिन यानी एक फरवरी से अबतक पेट्रोल और डीजल की कीमत 11 बार बढ़ाई गई है और इस दौरान पेट्रोल में 3.24 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 3.47 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है।   

बजट में पेट्रोल पर 2.5 रुपये प्रति लीटर का नया एग्रीकल्‍चर इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर एंड डेवलपमेंट सेस लगाया गया है, जबकि डीजल पर यह 4 रुपये प्रति लीटर है। वित्‍त सचिव अजय भूषण पांडे ने बताया कि इस नए सेस से सरकार को वित्‍त वर्ष 2021-22 में 30,000 करोड़ रुपये का राजस्‍व प्राप्‍त होगा।

नए उपकर की घोषणा के बाद से पेट्रोल और डीजल की कीमत में लगातार वृद्धि हो रही है और यह अब देश में सबसे ज्‍यादा टैक्‍स वाले उत्‍पाद बन गए हैं। आपको बता दें कि पेट्रोल की बेसिक कीमत केवल 31.82 रुपये प्रति लीटर है और 65 प्रतिशत टैक्‍स के साथ दिल्‍ली में इसकी रिटेल कीमत 89.54 रुपये प्रति लीटर है। इसी प्रकार डीजल की बेसिक कीमत 33.46 रुपये प्रति लीटर है और 60 प्रतिशत टैक्‍स के साथ इसकी दिल्‍ली में खुदरा कीमत 79.95 रुपये प्रति लीटर है।

पेट्रोल पर केंद्र व राज्‍य सरकार की ओर से लगाए जाने वाला कुल टैक्‍स 53.50 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 43.50 रुपये प्रति लीटर है। यदि केंद्र व राज्‍य सरकार इन टैक्‍सों को खत्‍म कर दें तो देश में पेट्रोल 36.04 रुपये प्रति लीटर और डीजल 36.45 रुपये प्रति लीटर की दर पर बिक सकता है।

सरकार के लिए अन्‍य सेक्‍टर में राजस्‍व कमी की भरपाई के लिए पेट्रोल और डीजल पर टैक्‍स लगाना सबसे आसान रास्‍ता है। बजट दस्‍तावेजों के मुताबिक, केंद्र को वित्‍त वर्ष 2020-21 में पेट्रोल और डीजल पर टैक्‍स से 1.5 लाख करोड़ रुपये का अतिरिक्‍त राजस्‍व प्राप्‍त हुआ है।

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