उड़ता पंजाब की राह पर बिहार, हेरोइन व ब्रा’उन शुगर को ले तबाही मचा रही ‘भाभीजी’

Patna: बॉलीवुड फिल्‍म ‘उड़ता पंजाब’ याद है आपको? पंजाब में नशे की समस्‍या पर केंद्रित इसकी कहानी बिहार की भी है. राजधानी पटना और आसपास के भोजपुर, बक्सर आदि जिलों में ड्र’ग्स का कारोबार तेजी से फैल रहा है. हेरो’इन, ब्रा’उन शुगर और गां’जा जैसे नशीले पदार्थों के सौ’दागरों की लगातार गि’रफ्तारी से इस बात की पुष्टि होती है.

2016 में पटना पुलिस ने गांधी मैदान इलाके में थाईलैंड से आई हे’रोइन पकड़ी थी. चूंकि, इसकी कीमत ब्रा’उन शुगर से अधिक होती है, इसलिए त’स्करों ने इसे बेचना शुरू कर दिया. पिछले छह महीने में डी’आरआइ (डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस)और बिहार पुलिस ने 30 क्विंटल से अधिक गां’जा जब्त किया है. वहीं, साढ़े छह किलो च’रस, 15 किलो ब्रा’उन शुगर और हे’रोइन बरा’मद की जा चुकी हैं.

पटना में ब्रा’उन शुगर ने भी पांव पसार लिए हैं. भाभीजी उर्फ राधा का गिरोह बड़े पैमाने पर यह काम कर रहा है. पुलिस ने उसे 10 लाख रुपये और एक किलोग्राम ब्रा’उन शुगर के साथ गर्दनीबाग से द’बोचा था, वह इन रुपयों से न’शे का स्टॉ’क करने जा रही थी. इसके बाद अभिमन्यु को चार किलोग्राम ब्रा’उन शुगर के साथ पकड़कर जे’ल भेजा गया. बेउर जे’ल में रहने के बावजूद भाभीजी ने धं’धा जारी रखा. इस रहस्य पर से प’र्दा तब उठा, जब तीन दिन पहले पोस्टल पार्क से उसके गुर्गे सुदामा की गिर’फ्तारी हुई. सुदामा के कमरे से पुलिस ने 2.111 किलो’ग्राम गां’जा और 80 ह’जार की नक’दी बरामद की थी.

सुदामा ने बताया था कि भाभीजी जेल से उसे फोन द्वारा निर्देश देती है कि कब और कहां किसके पास से मा’ल लेना है. माल (ब्राउ’न शुगर) लेकर वह कमरे पर आता था. एक ग्राम की एक पुड़िया तैयार करता था, जिसे वह एजेंटों को 400 रुपये में बेच देता था. एजेंट नशे के आदी लोगों को 100 रुपये मुनाफे पर एक पुड़िया बेचते थे. केवल सुदामा के जरिए भाभीजी जेल में रहते हुए 50 लाख रुपये का का’रोबार कर लेती थी. उसके जैसे और कितने लोग भाभीजी के लिए काम कर रहे हैं, ये उसे भी नहीं पता. हेरो’इन की खरीद और बिक्री के लिए आरा शहर का गांगी क्षेत्र भी कु’ख्यात हो रहा है. यहां के तस्करों का नेटवर्क बिहार की राजधानी पटना से लेकर, झारखंड, कोलकाता एवं दिल्ली तक है. भोजपुर का बिहिया और शाहपुर इलाका भी इसकी जद में है.

बक्सर जिले के ब्रह्मपुर, सिमरी, टुड़ीगंज आदि स्थानों के अलावा शहर के शांतिनगर को हेरोइन की उपलब्धता के लिए चिह्नित किया गया है. 28 मार्च 2019 को भोजपुर पुलिस ने झारखंड के जसीडीह इलाके के गिधनी गांव निवासी सिकंदर को गि’रफ्तार किया था. उसके पास से 300 पुडिय़ा ब्राउन शुगर बरामद की गई थी. पूछताछ में पता चला कि बरा’मद ब्रा’उन शुगर आरा शहर के गांगी क्षेत्र से खरीदने के बाद झारखंड में ले जाकर अपने क्षेत्र में बेचता था.

बक्सर में 30 सितंबर 2019 को ब्रह्मपुर के चर्चित त’स्कर उधारी सिंह को 10 ग्राम हेरो’इन के साथ गिर’फ्तार किया गया. 6 जनवरी को हेरो’इन तस्करी के सरगना अमरजीत पासवान तथा विनय पासवान के घर में छा’पेमारी करते हुए पुलिस ने 62 ग्राम हे’रोइन तथा सवा तीन लाख नक’द के साथ कई बैंक खाते ज’ब्त कर लिए. हालांकि, दोनों फ’रार होने में कामयाब रहे. 28 फरवरी की रात टुड़ीगंज बाजार से 42 ग्राम हे’रोइन के साथ तीन त’स्करों को गिर’फ्तार किया गया. अब तक गि’रफ्तार किए गए त’स्करों से पूछताछ में पुलिस को जो जानकारी मिली है उसके अनुसार ब’क्‍सर जि’ले में हे’रोइन की तस्करी उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से संचालित की जाती है. वहां से मा’ल बक्सर आता है, फिर बक्सर से अन्य प्रखंडों में रहने वाले त’स्करों को इसकी आपूर्ति की जाती है.

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *