अगर धर्म के नाम पर स्कूल में किसी भी बच्चे के साथ गलत व्यवहार किया जाता है तो यह अपराध है : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट मुजफ्फरनगर के स्कूल की घटना पर सख्त,धर्म के नाम पर बच्चे से दुर्व्यवहार गलत,सप्ताह के बाद मामले में केस दर्ज किया गया

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि ‘यदि धर्म के नाम पर एक समुदाय विशेष के छात्र को दंडित किया जाता है तो यह गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं है। शीर्ष कोर्ट ने मुजफ्फरनगर के स्कूल में शिक्षिका द्वारा कथित तौर पर समुदाय विशेष के एक छात्र को सहपाठियों से पिटवाने के मामले को लेकर यह टिप्पणी की।

जस्टिस अभय एस. ओका और पंकज मिथल की पीठ ने जांच पर सवाल उठाते हुए कहा कि मामले में न सिर्फ प्राथमिकी दर्ज करने में देरी हुई बल्कि इसमें सांप्रदायिक पहलू के आरोप नदारद हैं। पीड़ित बच्चे के पिता ने अपने बयान में स्पष्ट तौर पर आरोप लगाया कि धर्म की वजह से बच्चे को पीटा गया। इस घटना के दो सप्ताह बाद छह सितंबर को मामला दर्ज किया गया था। पीठ ने कहा कि पहली नजर में उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षा के अधिकार कानून के प्रावधानों को लागू करने में विफल रही। शिक्षा विभाग के सचिव को पक्षकार बनाया। कोर्ट ने सचिव को पीड़ित बच्चे की काउंसलिंग, बेहतर शिक्षा के संबंध में रिपोर्ट दाखिल करने को कहा।

सबसे खराब तरह का दंड शीर्ष अदालत ने सुनवाई के दौरान कहा कि यदि आरोप सही है, तो यह एक महिला शिक्षक द्वारा दिया गया सबसे खराब तरह का शारीरिक दंड हो सकता है, जिसमें कि कक्षा के एक बच्चे को पीटने के लिए सहपाठियों को निर्देश दिया गया था।

चार सप्ताह में रिपोर्ट मांगी घटना को गंभीर बताते हुए कोर्ट ने सरकार को राज्य के सभी स्कूलों में शिक्षा का अधिकार कानून के प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन के मसले पर चार सप्ताह में रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया।

याचिका पर निर्देश कोर्ट ने तुषार गांधी की याचिका पर विचार करते हुए यह निर्देश दिया है। याचिका में समुदाय विशेष के छात्र को पिटवाने के मामले की त्वरित जांच की मांग की गई थी।

पीड़ित का अन्य स्कूल में दाखिला सुनिश्चित कराएं

पीठ ने कहा कि राज्य सरकार बच्चे से उसी स्कूल में पढ़ाई जारी रखने की उम्मीद नहीं कर सकती। यह टिप्पणी करते हुए जस्टिस ओका ने सरकार को पीड़ित बच्चे को किसी अन्य स्कूल में दाखिला सुनिश्चित कराने को कहा। पीठ

ने सरकार को पीड़ित बच्चे के साथ-साथ उन बच्चों की काउंसलिंग भी कराने को कहा जो इस घटना से जुड़ी कार्रवाई में शामिल होंगे।

डेली बिहार न्यूज फेसबुक ग्रुप को ज्वाइन करने के लिए लिंक पर क्लिक करें….DAILY BIHAR  आप हमे फ़ेसबुकट्विटरइंस्टाग्राम और WHATTSUP,YOUTUBE पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं 

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *