सुशील मोदी की मांग- बाहर फंसे प्रवासी मजदूरों को वापस भेजने के लिए स्पेशल ट्रेन चलाए केंद्र सरकार

देश में लॉकडाउन की वजह से बिहार के मजदूर, कामगार और छात्र बड़ी संख्‍या में दूसरे प्रदेशों में फंसे हैं। विपक्ष लगातार दूसरे राज्यों में फंसे इन लोगों को वापस लाने के मुद्दे पर बिहार की नीतीश सरकार पर दबाव बनाता रहा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने साफ कहा था कि जबतक केंद्र सरकार इसके लिए गाइडलाइंस जारी नहीं करेगी तबतक सबको लाना संभव नहीं है। जिसके बाद बुधवार को केंद्र सरकार ने कुछ शर्तों के साथ बाहर के प्रदेशों में फंसे बिहार के लोगों को वापस लाने की अनुमति दे दी है।

देश के विभिन्न राज्यों में फंसे बिहार के करीब 25 लाख से ज्यादा प्रवासी मजदूरों और छात्रों को वापस बुलाने को लेकर बिहार सरकार ने केंद्र सरकार से विशेष ट्रेन सेवा शुरू करने की मांग की है. उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे बिहारी मजदूरों और छात्रों को बस से लाना संभव नहीं है. लिहाजा इनको बिहार पहुंचाने के लिए विशेष ट्रेन सेवा शुरू की जाए.

सुशील मोदी ने कहा, ‘मैं भारत सरकार से अपील करता हूं कि विशेष ट्रेन सेवा शुरू की जाए, जो नॉनस्टॉप हो. इतनी ज्यादा संख्या में लोगों को बसों से बिहार लाना संभव नहीं है. अगर बसों से इन लोगों को वापस बुलाना शुरू किया गया, तो कई महीने लग जाएंगे.’

बिहार के उपमुख्यमंत्री ने बताया कि बिहार वापस आने के लिए सिर्फ दिल्ली से ही 5 लाख प्रवासी मजदूरों और छात्रों ने आवेदन किया है. वहीं, मुंबई से 2 लाख 68 हजार, गुजरात से तकरीबन 2 लाख और कर्नाटक से एक लाख प्रवासी मजदूरों और छात्रों ने वापस बिहार आने के लिए आवेदन दिया है.

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