इलाहाबाद HC बोला, ताजमहल किसने बनवाया पहले जाकर रिसर्च करो. यूनिवर्सिटी जाओ, PHD करो, पढ़ाई करो

ताजमहल विवाद को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को लगाई फ़टकार.’PIL व्यवस्था का दुरुपयोग न करें, ताजमहल किसने बनवाया पहले जाकर रिसर्च करो. यूनिवर्सिटी जाओ, PHD करो, पढ़ाई करो तब कोर्ट आना. इतिहास क्या आपके मुताबिक पढ़ा जाएगा’ : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ताजमहल के कमरे खुलवाने गए याचिकाकर्ता से कह दिया है कि एम ए करो, फिर नैट जेआरएफ करके पीएचडी करना इसी टॉपिक पर. कोई करने ना दे तो आकर हमसे कहना. कोर्ट ने ये भी कहा कि तुम आज ताजमहल के कमरे खुलवा रहे हो कल जजों के चैंबर खुलवाओगे! जनहित याचिकाओं को मज़ाक मत बनाओ, ड्रॉइंगरूम में यही बहस करने के लिए ज़रूर आना लेकिन कोर्ट का समय मत बर्बाद करो.

क्या कहना है याचिकाकर्ता का?

डॉ. रजनीश सिंह कहते हैं कि उन्होंने 2019 में पुरातत्व विभाग से जानकारी मांगी थी कि क्या इन कमरों को राष्ट्रीय सुरक्षा के चलते बंद किया गया. विभाग ने उन्हें जवाब दिया कि इन कमरों को बंद रखने का कारण सिर्फ़ सुरक्षा का मसला है. उनका कहना है कि बाद में पुरातत्व विभाग ने उनकी चिट्ठियों का जवाब देना बंद कर दिया, तो वो ऐसी याचिका दाख़िल करने पर मजबूर हो गए.

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◆इतिहास क्या आपके मुताबिक पढ़ा जाएगा’ https://t.co/yrXHgOc9Ax

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