NDA नहीं, बेगूसराय में कन्हैया के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं तेजश्वी

Patna : बेगूसराय लोक सभा सीट पर कन्हैया कुमार को समर्थन नहीं देने के कारण महागठबंधन के समर्थकों में आक्रोश देखा जा रहा है। लोग अब खुल कर बोलने लगे हैं कि कन्हैया के बढ़ते कद से तेजश्वी यादव असहज महशुश कर रहे है। यही कारण है कि लालू परिवार नहीं चाहता है कि कन्हैया कुमार लोक सभा पहुंचे। इन युवाओं की माने तो बेगूसराय में वन टू वन फाइट कन्हैया और गिरिराज सिंह के बीच है।


वरिष्ठ पत्रकार पुष्य मित्र कहते हैं कि कभी कभी लगता है कि राजद बिहार में एनडीए के खिलाफ नहीं, बल्कि कन्हैया के खिलाफ चुनाव लड़ रही है। वोटिंग देश की सत्ता के लिये नहीं, यूथ आइकन की कुर्सी के लिये हो रहा है।

वरिष्ठ पत्रकार आवेश तिवारी कहते हैं कि रविश द्वारा कन्हैया के साथ बनाया गया कार्यक्रम जरूरी था। जब कोई युवा करोड़ों अरबों खर्च करके बनाये गए प्रचारतंत्र से अकेले बिना किन्ही संसाधनों के लड़ रहा हो तो मीडिया को उसका पक्षधर तो बनना ही होगा। आप कह सकते हैं यह उसूलों के खिलाफ है मैं कहूंगा जब देश मे सत्ता की स्थापना में ही तमाम उसूलों का सामूहिक कत्ल हो रहा हो तो उस वक्त खबरनवीस उसूल देखे या फिर सत्ता की नाक में हर संभव तौर तरीकों से दम कर दे। मुझे लगता है कि बेहद बदबू मार रही खबरनवीसी के गंगा नहाने का एकमात्र तरीका यह है कि वो देश के युवा, आदिवासी और महिलाओं के पक्ष में आंख बन्द करके खड़ी हो जाए। हर उस आवाज को मजबूत किये जाने की जरूरत है जो राजनीति भले न जानती हो लेकिन जिसमे सत्ता से लड़ने भिड़ने का दमखम हो। आप कैसे देख रहे हैं इन चुनावों को हमे नही पता लेकिन यकीन मानिए मैं व्यक्तिगत तौर पर मानता हूं कि कन्हैया का समर्थन न करके कांग्रेस ने अपने पैर पर गहरी कुल्हाड़ी मार दी है वही तेजस्वी अपना राजनैतिक कैरियर भाड़ में झोंक रहे हैं।

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