प्रवासी मजदूरों के खाने को लेकर बोले तेजस्वी यादव, ‘शर्म करो ये ग़रीब मज़दूर भी इंसान हैं पशु नहीं’  

बिहार के पूर्व उप-मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने प्रवासी मजदूरों को क्वारंटाइन सेंटर में दिए जा रहे खाने को लेकर बिहार सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने आरोप लगाया है कि सहरसा के क्वारंटाइन सेंटर में प्रवासी मजदूरों को खाने के लिए सिर्फ सूखा चूरा, नमक और मिर्च दिया जा रहा है. कोरोना संकट के बीच मजदूरों को उनके घर ला जा रहा है. हालांकि कुछ दिन उन्हें क्वारंटाइन सेंटर में रहना होगा. इसके बाद उन्हें घर भेजा जाएगा. प्रवासी मजदूरों के राज्य में वापस आने से बिहार में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़े हैं.

 तेजस्वी यादव ने सरकार पर आरोप लगाते हुए रविवार को अपने ट्वीट में लिखा- “सहरसा के क्वारंटाइन सेंटर में अप्रवासी श्रमिकों को खाने के लिए मात्र “सूखा चूरा, नमक और मिर्च” दिया जा रहा है. शर्म करो, ये ग़रीब मज़दूर भी इंसान है पशु नहीं. 15 वर्षों में 55 घोटाले कर पूर्णत: बिहार को चूसने वाली नीतीश-भाजपा सरकार बिहार के लिए ख़ुद सबसे बड़ी विपदा बन चुकी है.”

इस बीच, बिहार लौट रहे प्रवासी मजदूरों को क्वारंटाइन सेंटर में रखा जा रहा है. अब तब इन पंचायत और ब्लॉक स्तर के केंद्रों पर तीन लाख से अधिक लोग रह रहे हैं, लेकिन कई जगहों पर व्यवस्था में अभाव और बद-इंतजामी की शिकायत भी हर दिन मिल रही है. ऐसी ही एक घटना बीते दिन समस्तीपुर जिला स्थित सिंघिया फुलहारा क्वारंटाइन सेंटर में देखने को मिली. 

इस सेंटर में लगभग 150 प्रवासी मजदूरों को रखा गया है. सेंटर में पानी का अभाव है. शनिवार को पानी की गाड़ी आने पर पानी के लिए लोगों ने एक-दूसरे पर लाठी-डंडे चलाना शुरु कर दिया. इस घटना में कई लोग घायल हो गए हैं. बताया जा रहा है कि पानी भरने को लेकर दो पक्षो में लड़ाई हो गई और मारपीट होने लगी. पुलिस के आने के बाद मामला शांत हुआ.

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