सावन की सोमवारी पर बाबाधाम में उमड़ी कांवरियों की भीड़, नागपंचमी पर 20 KM लंबी लगी लाइन

श्रावणी मेला के 20वें दिन सोमवार को प्रात: 3:47 बजे से बाबा वैद्यनाथ का जलार्पण शुरू हो गया। कांवरियों की कतार तड़के सुबह बीएड कॉलेज तक पहुंच गयी थी। शिवभक्तों के बोलबम महामंत्र की गूंज से रूट लाईन गुंजायमान रहा। सभी कांवरिया कतारबद्ध होकर बाबा वैद्यनाथ का जयघोष करते हुए निरंतर आगे बढ़ रहे थे। जलार्पण हेतु कतारबद्ध कांवरियों को बीएड कॉलेज व नेहरू पार्क से मानसिंघी फुट ओवर ब्रिज होते हुए बाबा मंदिर गर्भगृह के बाहर मंझला खण्ड में लगे अर्घा के माध्यम से जलार्पण कराया गया। ।

रूट लाइन के हर प्वाइंट पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कराए गए हैं। इसकी निगरानी लगातार डीसी राहुल कुमार सिन्हा द्वारा की जा रही है। मेले के 19वें दिन संध्या 7 बजे तक बाबा को अर्घा के माध्यम से जलार्पण करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 95 हजार 927 रही। इसके अतिरिक्त बाह्य अर्घा के माध्यम से जलार्पण करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 24 हजार 885 रही। वहीं शीघ्र दर्शनम कूपन के माध्यम से जलार्पण करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 4105 रही। शाम तक कुल जलार्पण करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 1 लाख 24 हजार 917 रही। बाबा मंदिर का पट होने तक यह संख्या 1 लाख 50 हजार तक पहुंचने की संभावना है।

रविवार की रात तक डीसी-एसपी समेत जिले के आला अधिकारी कांवरिया पथ व रूटलाइन का जायजा लेते रहे। प्रशासन ने दावा किया है कि सोमवार को नागपंचमी होने के कारण तीन लाख से अधिक कांवरिये जलाभिषेक करने पहुंचेंगे।

सावन की तीसरी सोमवारी से एक दिन पहले लगभग तीन लाख कांवरियों ने गंगाजल भर कर बाबाधाम को प्रस्थान किया। अजगैवीनगरी में बोलबम के नारों से पूरा वातावरण गूंज रहा है। बिहार-झारखंड के अलावा अन्य राज्यों और नेपाल से बड़ी संख्या में कांवरियों का लगातार आगमन हो रहा है। काफी संख्या में महिला, पुरुष व बच्चे कड़ी धूप के बावजूद भी बोलबम का नारा लगाते हुए चल रहे थे। इस बार तीसरी सोमवारी को नाग पंचमी भी है, इसलिए अत्यधिक भीड़ उमड़ने की संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। जाम से निबटने के लिए मेला सहयोगियों को भी लगाया गया है।

सावन की तीसरी सोमवारी को बाबाधाम में उमड़ने वाली लाखों की भीड़ की धमक रविवार को कांवरिया पथ पर शाम चार बजे से ही दिखने लगी। झारखंड प्रवेश द्वार दुम्मा में कांवरियों का हुजूम शाम चार बजे से प्रवेश कर रहा था। दुम्मा से खिजुरिया तक पुलिस को सतर्क कर दिया गया है। तीन ओपी के डीएसपी ने सुरक्षा-व्यवस्था का जायजा लिया। तीसरी सोमवारी को जल चढ़ाने के लिए दुम्मा टोल गेट में प्रति मिनट 165 कांवरिये प्रवेश कर रहे थे, जिन्हें प्रवेश कार्ड दिया जा रहा था।

दोपहर दो बजे से शाम छह बजे तक 42,000 कांवरिये दुम्मा प्रवेश कर चुके थे। नागपंचमी को पड़ने वाली इस सोमवारी को जल चढ़ाने के लिए कांवरियों में पूरा उत्साह है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए दुम्मा प्रशासनिक शिविर में दोपहर से सांस्कृतिक कार्यक्रम चलाया जा रहा था, जहां बड़े पैमाने पर कांवरियों ने विश्राम किया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए दुम्मा व खिजुरिया गेट पर सभी प्रकार के वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गयी है।