स्पेशल ट्रेन से जम्मू-कश्मीर से दरभंगा लाए गए फंसे मजदूर, सरकार के आदेश पर नहीं वसूला गया किराया

जम्मू कश्मीर से स्पेशल सवारी गाड़ी से शुक्रवार की रात करीब आठ बजे श्रमिकों का एक जत्था दरभंगा जंक्शन पर पहुंचा। इस ट्रेन में भारत सरकार के निर्देश पर किसी भी यात्री से कोई किराया नहीं वसूला गया था। जंक्शन पर उतरने के बाद श्रमिक यात्रियों का समूह स्टेशन के बाहरी परिसर में अपने सामानों को एक जगह रखने के बाद बैठ गया और यहां पहुंचकर कश्मीर की बातों को याद कर तरह-तरह के चर्चे में मशगूल हो गया।

सुपौल जिले के सिमराही प्रखंड के निवासी मो. सलाउद्दीन, मो. अजीमुल व अमीर रजा आदि ने बताया कि वह सभी दर्जनों श्रमिक कुपवाड़ा जिले के आलमपुरा में राजमिस्त्री के साथ जुड़ाई एवं पेंटिंग का काम करते थे। जिस दिन से अनुच्छेद 370 की चर्चा आरंभ हुई उसी दिन से वहां काम कराने वाले भू स्वामियों ने उनसे काम लेना बंद कर दिया। ये लोग बेरोजगार हो गए। सेना की मौजूदगी में कफ्र्यू घोषित कर दिया गया। ऐसे में इन लोगों के पास सिवाय अपने गांव लौट जाने के कोई दूसरा विकल्प नहीं बच गया था। कफ्र्यू रहने के कारण दिन में ये लोग कुपवाड़ा से उधमपुर के लिए नहीं निकल सकते थे। इन लोगों ने बताया कि रात में स्थानीय लोगों के सो जाने के उपरांत अधिक शांति हो जाती है और सेना की ओर से अघोषित छूट को महसूस कर हम लोग ऊधमपुर तक ट्रेन पकड़ने पहुंच सके।

इसी समूह में सुपौल जिले के ही श्रीनगर में कार्य कर रहे थोड़े पढ़े- लिखे मो. अमीर, नीस बूल, मो. अजीज, मो. हसनैन आदि ने बताया कि अनुच्छेद 370 को हटाने के मोदी सरकार के फैसले के बाद पाकिस्तान की बौखलाहट से स्पष्ट है कि इस अनुच्छेद का लाभ उठाकर वह किस तरह कश्मीर में आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा था। क्योंकि अब वहां के आम लोग बहुत राहत महसूस कर रहे हैं। वह जानते हैं कि मोदी सरकार सात दशक पुरानी ऐतिहासिक भूल को सुधार सकती है तो वह नापाक पाकिस्तान को भी उसकी हैसियत याद करा सकती है। .

कश्मीर से लौटकर अपने गांव जा रहे श्रमिकों ने बताया कि कुछ दिनों में कफ्र्यू की समाप्ति की घोषणा के उपरांत हम लोग फिर कश्मीर जाकर अपना काम करेंगे। श्रमिकों का पूरा समूह मोदी सरकार के इस फैसले से काफी खुश नजर आ रहा था। उसे सरकार के इस निर्णय से कोई शिकायत नहीं थी। वे लोग भी इस बात को महसूस कर रहे थे कि इस निर्णय के बाद जम्मू एवं कश्मीर में अमन-चैन बहाल हो सकेगा।

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