कोईलवर पुल का उद्घाटन दस को, पटना रिंग रोड का निर्माण एक माह में शुरू

पटना|पथ निर्माण मंत्री मंगल पांडेय ने एनएचएआई को पटना रिंग रोड का निर्माण एक माह में शुरू करने का निर्देश दिया है। प्रधानमंत्री पैकेज की 24 योजनाओं की समीक्षा के बाद उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ओवरलोडिंग से पुलों को बचाने के लिए सभी पथ-पुलियों पर स्वचालित बैरियर लगाएं। उन्होंने पटना-गया-डोभी रोड का काम तेज गति से करने और आरा-मोहनिया पथ का निर्माण कार्य 15 दिनों में शुरू करने का निर्देश दिया। उन्होंने 10 दिसंबर को कोईलवर पुल के शुभारंभ के प्रस्तावित

कार्यक्रम की तैयारी की समीक्षा की। भारतमाला के अंतर्गत प्रस्तावित औरंगाबाद-दरभरंगा 4 लेन पथ के निर्माण के लिए भू-अर्जन कार्य में तेजी लाने, कोईलवर-बक्सर 4 लेन हाईवे के निर्माण में आ रही बाधाओं को दूर करते हुए जल्द निर्माण कार्य पूरा कराने, गंगा नदी पर मटिहानी व साम्हो के बीच नए पुल का डीपीआर तैयार कर भू-अर्जन शुरू करने, प्रगतिशील सभी परियोजनाओं का समयबद्ध कार्यान्वयन सुनिश्चित करने और मेगा परियोजनाओं की कड़ाई से मॉनिटरिंग करने का निर्देश भी दिया। समीक्षा के क्रम में पाया गया कि प्रधानमंत्री पैकेज के अधीन कुल 24 योजनाओं में 1459.50 किमी एनएच का उन्नयन कार्य 30200 करोड़ रुपए से कराया जा रहा है।

रिंग रोड बिहटा में बनने वाले नए एयरपोर्ट के पास से कन्हौली होते हुए नौबतपुर, डुमरी, बेलदारीचक, रामनगर, सबलपुर, बिदुपुर, सराय, अस्तिपुर, नयागांव, दिघवारा, शेरपुर होते हुए कन्हौली में आकर मिलेगा। परियोजना का काम मुख्य तौर पर दो चरणों में हो रहा है। इसके लिए अलग-अलग पैकेज में काम किये जायेंगे। विभिन्न चरणों में डीपीआर का काम जारी है। रिंग रोड में गंडक नदी पर वर्तमान पुल के लगभग एक नए पुल का निर्माण होगा। 21 किमी लंबी कच्ची दरगाह-बिदुपुर पुल और सड़क पर राज्य सरकार काम कर रही है। 38 किमी लंबी कन्हौली रामनगर का टेंडर एनएचएआई जारी कर चुका है। 11 किमी लंबी सड़क शीतलपुर से दिघवारा का काम एनएचएआई पूरा कर चुका है। शेरपुर से दिघवारा के बीच प्रस्तावित पुल एनएचएआई बनाएगा।

पटना का इलाका 3 जिलों पटना, वैशाली और सारण तक चला जाएगा। शहर का विस्तार गंगा नदी के उत्तर भी पहुंच जाएगा। यही नहीं, गंडक नदी के दोनों ओर पटना शहर के फैलाव का भी रास्ता खुल जाएगा। रिंग रोड में औरंगाबाद से जयनगर के बीच बनने वाली सड़क और बिहटा सरमेरा सड़क भी जुड़ेगा। बख्तियारपुर ताजपुर से आने वाले लोगों के लिए एनएच 103 से आना-जाना आसान होगा।

रिंग रोड परियोजना पूरी होने के बाद राजधानी में बड़े वाहनों के प्रवेश की जरूरत नहीं होगी। अभी व्यवसायिक वाहनों के शहर में आने से जाम तो रहता ही हैं। सड़क दुर्घटनाएं भी बहुत होती है। रिंग रोड बनने के बाद प्रदेश के पश्चिमी भाग या उत्तरी भाग में जाने के लिए पटना शहर में प्रवेश करने की जरूरत नहीं होगी। राजधानी की ट्रैफिक व्यवस्था स्मूथ हो जाएगी। ट्रकों का शहर में प्रवेश नहीं होगा। उल्लेखनीय है कि साल 2014 के मास्टर प्लान में रिंग रोड का प्रस्ताव लाया गया था। मास्टर प्लान की स्वीकृति मिलने के बाद इस योजना की सरकार ने स्वीकृति दी थी।

रिंग रोड परियोजना राज्य सरकार की अहम व जनोपयोगी परियोजना है। इसपर तेजी से काम जारी है, इसके सकारात्मक परिणाम जल्द ही दिखेंगे।

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