देश के 12 प्रसिद्ध सूर्य मंदिरों में शामिल है पटना का उलार मंदिर, रोज रहती है श्रद्धालुऔं की भीड़

पटना: पटना जिले का उलार सूर्य मंदिर देश के 12 प्रसिद्ध सूर्य मंदिरों में शामिल है। यह मंदिर दुल्हिनबाजार से पांच किलोमीटर दक्षिण एसएच 2 मुख्यालय पथ पर स्थित है। देश के 12 आर्क स्थलों में कोणार्क और देवार्क के बाद भगवान भास्कर की तीसरी सबसे बड़े सूर्य मंदिर के रूप में जाना जाता है। हर रविवार को काफी संख्या में पीड़ित लोग स्नान कर सूर्य को जल व दूध अर्पित करते हैं।

जानकारी के अनुसार द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण के पुत्र शाम्ब ऋषि मुनियों के श्राप से कुष्ठ रोग से पीड़ित थे। देवताओं के सलाह पर उलार के तालाब में स्नान कर सवा महीने तक सूर्य की उपासना की थी। इससे वह कुष्ठ रोग से मुक्त हो गये थे।

हर साल यहां छठ पर लाखों की भीड़ जुटती है। कहा गया है कि इस मंदिर में कोई भी नि:संतान अगर सच्चे मन से सूर्य की उपासना करते हैं तो उन्हें संतान की प्राप्ति होती है। कहा जाता है कि 1950-54 में संत अलबेला बाबा ने जन सहयोग से मंदिर का जीर्णोद्धार कराया। उस समय खुदाई में काले पत्थर की पालकालीन खंडित मूर्तियां भी मिलीं। बाद में इन खंडित मूर्तियों की भी पूजा होने लगी। साथ ही लोगों का मानना है कि मंदिर के पास बने चमत्कारी सरोवर में स्नान करने से थकावट दूर हो जाती है व चर्म रोगों से मुक्ति मिलती है।

वहीं, मंदिर के महंत व पुजारी अवध बिहारी दासजी महाराज ने बताया की प्रत्येक रविवार को हजारों की संख्या में श्रद्धालु यहां आकर सरोवर में स्नान कर मंदिर में स्थापित भगवान सूर्य को दूध से अभिषेक कराते हैं। साथ ही उन्होंने बताया कि छठ पूजा के अवसर पर राज्य व देश के विभिन्न क्षेत्रों से आये श्रद्धालुओं की भीड़ से मंदिर परिसर मानव जमघट में तब्दील हो जाती है। श्रद्धालुओं व व्रतियों की सुविधाओं के लिए मंदिर पूजा कमेटी की ओर से ही सभी व्यवस्था की जाती है।

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