NEW INDIA : इस तस्वीर को देखकर मन झूम उठा, सीना गर्व से फैल गया, मस्तक हिमालय की तरह ऊपर उठ गया

PATNA : इस तस्वीर को देखकर मेरा मन मयूरा झूम उठा। सीना गर्व से फैल गया और मस्तक हिमालय की तरह ऊपर उठ गया। मैं इतरा गया। मैं यानी भारत। ऐसे हर मौक़े पर मुझे ख़ुद के विश्वगुरु होने का ऐहसास होता है। मैं ख़ुद को सुरक्षित भी महसूस करती हूँ। ये मेरे आज की तस्वीर है। बुलंद आज की। खुद्दार आज की। ये तस्वीर मेरे मज़बूत और सुरक्षित कल की तस्वीर भी है। अगर आपमें से किसी को भी इस तस्वीर में कुछ भी निगेटिव दिख रहा है तो लॉकडाउन खुलते ही पाकिस्तान या ऐसे ही किसी दूसरे मुल्क में अपनी तशरीफ़ ले जाएं। हां तो इस शानदार तस्वीर पर लौटते हैं।

एक हाथ में टंगे इस बच्चे को देखिए। ग़ौर से देखिए। ऐसा नहीं लग रहा है कि ये पैदा होते ही कमांडो ट्रेनिंग ले रहा है। ज़िं’दा रहा और बड़ा हुआ तो जरूर फ़ौजी बनेगा। सीमा की सुरक्षा करेगा। बच्चे को एक हाथ में टंगे के बाप-भाई या चाचा को देखिए। देख रहे हैं? क्या लगा? आपका पता नहीं, मुझे इसमें अदम्य साहस दिख रहा है। ऐसे साहसी के रहते कोई मेरा कुछ बिगाड़ सकता है क्या? आज अगर ये ट्रक के नीचे आने से ब’च गया तो कल मेरे वास्ते अपनी ग’रदन क’टवा देगा और आह तक नहीं करेगा।

अब साड़ी पहन कर ट्रक पर ऊपर चढ़ रही उस महिला को देखिए। इसका हुनर देखिए।संकट के इस दौर में। यही वो लोग हैं जो अपना ब’लिदान दे रहे हैं। मुझे इस ब’लिदान पर गर्व है। आप भी कीजिए। मन की बात के दौरान वो भी करेंगे। सब मौज कीजिए। इस तस्वीर को बड़े में प्रिंट करवाकर अपने घरों में लगाइए। ये मेरी असल तस्वीर है। बुलंद भारत की तस्वीर

VIKASH KUMAR, ASIAVILLE(ये तस्वीर मुझे सोशल मीडिया से ही मिली है, मेरी नहीं है।)

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