बिहार में बनेगा विश्व का सबसे बड़ा अस्पताल, बजट 5540 करोड़ रुपए, निर्माण शुरू

पीएमसीएच में 200 करोड़ की लागत से बनने वाले सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। 20 महीने में निर्माण पूरा हो जाएगा। सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में अाठ सुपर स्पेशलिटी विभाग की सुविधा मिलेगी। इसमें नियोनैटोलॉजी, न्यूरोलॉजी, हेमेटोलॉजी, पेडिएट्रिक सर्जरी, यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, न्यूरो सर्जरी, कार्डियोलॉजी में सुपर स्पेशलिटी विभाग की सुविधा मिलेगी। इसमें अोपीडी, इंडोर और अाधुनिक उपकरणों से लैस अाईसीयू की सुविधा मिलेगी। इस सुपरस्पेशलिटी अस्पताल में वह सारी अाधुनिक तकनीक वाली चिकित्सकीय सुविधा मिलेगी, जिसके लिए मरीज को राज्य से बाहर जाना पड़ता है। इन अाठ विभागों के मरीजाें को इलाज के लिए बाहर जाने की जरूरत नहीं होगी। यह जानकारी सोमवार को प्राचार्य डॉ. विद्यापति चौधरी ने दी। उन्होंने बताया कि सात मंजिले इस भवन में निचले तल्ले पर पार्किंग की सुविधा होगी। डॉ. चौधरी के मुताबिक सुपरस्पेशलिटी अस्पताल का निर्माण भी इसी उद्देश्य से किया जा रहा है, जिससे मरीज को सारी सुविधा एक छत के नीचे उपलब्ध हो। डायग्नोसिस से लेकर ट्रीटमेंट तक की सुविधा एक छत के नीचे मिलेगी।

बिहार में बनेगा विश्व का सबसे बड़ा अस्पताल, बजट 5540 करोड़ रुपए : बिहार को जल्द ही विश्व का सबसे बड़ा अस्पताल की सौगात मिलेगी। बिहार में पटना चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल (पीएमसीएच) विश्व का सबसे बड़ा अस्पताल बनेगा। इस अस्पताल को लेकर नीतीश सरकार ने तैयारी शुरू कर दी है। शनिवार को राज्य कैबिनेट ने विश्व का सबसे बड़ा और अत्याधुनिक अस्पताल बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अगर सबकुछ ठीक रहा तो अगले कुछ सालों में बिहार के लोगों को इलाज के लिए मुंबई या अन्य शहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। विश्व के सबसे बड़े इस अस्पताल के लिए 5540करोड़ रुपए जारी किए गए हैं। पीएमसीएच अस्पताल का विस्तारीकरण तीन चरण में सात वर्ष के भीतर पूरा किया जाएगा। हालांकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस काम को और भी पहले कर लेने की आवश्यकता जताई है।

बिहार में पटना चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल (पीएमसीएच) विश्व का सबसे बड़ा अस्पताल बनेगा। इस अस्पताल को लेकर नीतीश सरकार ने तैयारी शुरू कर दी है। शनिवार को राज्य कैबिनेट ने विश्व का सबसे बड़ा और अत्याधुनिक अस्पताल बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

अगर सबकुछ ठीक रहा तो अगले कुछ सालों में बिहार के लोगों को इलाज के लिए मुंबई या अन्य शहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। विश्व के सबसे बड़े इस अस्पताल के लिए 5540करोड़ रुपए जारी किए गए हैं। पीएमसीएच अस्पताल का विस्तारीकरण तीन चरण में सात वर्ष के भीतर पूरा किया जाएगा। हालांकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस काम को और भी पहले कर लेने की आवश्यकता जताई है।

जानें कैसे यह अस्पताल विश्व का सबसे बड़ा अस्पताल होगा अस्पताल परिसर में 450 बेड का धर्मशाला बनाया जाएगा। कैबिनेट विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने बताया कि फिलहाल बेलग्रेड (सार्बिया) में 3500 बेड का अस्पताल है। आने वाले दिनों में पीएमसीएच विश्व का सबसे बड़ा अस्पताल हो जाएगा। फिलहाल यहां बेड की संख्या 1700 है। यहां एमबीबीएस की सीटों की संख्या को 150 से बढ़ा कर 250 किया जाएगा। वहीं, पीजी सीटों की संख्या को 146 से बढ़ा कर 200 करने का प्रस्ताव है। सुपर स्पेशलिटी सीटों की संख्या 8 से बढ़ा कर 36 की जाएगी। यह अस्पताल पर्यावरण के अनुकूल ग्रीन बिल्डिंग होगा। अशोक राजपथ से कनेक्टिविटी के अलावा इसे कारगिल चौक से अशोक राजपथ पर बनने वाले डबल डेकर पुल और गंगा एक्सप्रेस-वे से भी जोड़ा जाएगा। आगे पढ़ें : इस अस्पताल में होगी ये अत्याधुनिक सुविधाएंइस अस्पताल में होगी ये अत्याधुनिक सुविधाएं विश्व के इस सबसे बड़े अस्पताल में अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी। इनमें फायरप्रूफ व भूकंपरोधी अस्पताल, पावर सब-स्टेशन शामिल हैं। अस्पताल की बिल्डिंग पर्यावरण के अनुकूल ग्रीन कलर की होगी। इसमें 3435 वाहनों की मल्टीलेवल पार्किंग सुविधा, मल-जल उपचार संयंत्र, प्रदूषण उपचार संयंत्र, मेडिकल गैस पाइप लाइन संयंत्र, नर्स कॉल सिस्टम, दवा-पैथोलॉजिकल सैंपल के लिए न्यूमेटिक ट्यूब सिस्टम, केंद्रीय स्टेराइल सर्विस डिपार्टमेंट, अपशिस्ट-लॉण्ड्री के लिए न्यूमेटिक सिस्टम होंगे।

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