योगी जी आप एक सरकारी नौकरी तो दीजिए, दो बच्चा जनमाना तो दूर हम आपकी तरह विवाहों ना करेंगे

PATNA : उप्र सरकार ने विश्व जनसंख्या दिवस पर “जनसंख्या नियंत्रण कानून” का ड्राफ्ट जनता के सामने रखा है। इस कानून को जाति-धर्म वगैरह से जोड़कर कुछ लोग अनावश्यक विवाद पैदा कर रहे हैं। तथ्य यह है कि इस कानून से “ओवरऑल सिस्टम” पर कोई खास फर्क नहीं पड़ने वाला है। इस मसौदे के मुख्य बिंदुओं पर तरह-तरह की अनुमान आधारित बातें लोग अपनी सुविधानुसार लिख रहे हैं। ऐसे में यूपी चिलम सेवा आयोग की रिसर्च उन सभी अनुमानित दावों का खंडन बिंदुवार कर रही है –

दो से अधिक बच्चों के अभिभावकों को सरकारी नौकरी नहीं मिलेगी।
फैक्ट – किसी को सरकारी नौकरी नहीं मिलेगी। हइए नईं। सिंगल लोग्स उत्साहित होकर अपने वर्जिन होने का शपथ पत्र भर दें, तब भी नौकरी नहीं मिलेगी।

दो से अधिक बच्चों के अभिभावक स्थानीय निकाय और पंचायत का चुनाव भी नहीं लड़ सकेंगे।
फैक्ट – हाल ही में संपन्न पेलात्मक (आधिकारिक भाषा में शांतिपूर्ण) चुनावों को देखकर लगता है कि चुनाव लड़ना तो दूर वोट करना भी दुश्वार है; और यह प्रावधान बस दो बच्चों से ज्यादा वालों के लिए नहीं है। अधिक पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण दो बच्चों से ज्यादा वालों को निश्चित ही ज्यादा चिंता करनी चाहिए, लेकिन ट्रेंड कहता है कि सिंगल भी पेले जा सकते हैं।

एक राशन कार्ड में चार से अधिक सदस्यों के नाम नहीं लिखे जाएंगे।
फैक्ट – पहली बात तो ये कि “छोटे आदमी” को राशन कार्ड में नाम जुड़वाना ही टेढ़ी खीर है (बाबा के ढाबा के बाबा की आवाज में)। दूसरी बात ये कि अगर कोई “बड़ा आदमी” नाम जुड़वाने पर आ जाए तो वो एक ही आदमी के चार राशनकार्ड बनवा लेता है। अतः छोटे आदमी इस प्रावधान को लेकर परेशान न हों, उनकी स्थिति पहले जैसी ही रहेगी; या तो उनके पास राशनकार्ड नहीं रहेगा या राशन नहीं रहेगा।

-Vineet(facebook Timeline)

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