ट्रैफिक नियम तोड़ चालक सिर्फ जुर्माना देकर बच नहीं सकते, अब करना होगा दो घंटे का सुधारात्मक कोर्स

ट्रैफिक नियम तोड़ चालक सिर्फ जुर्माना देकर बच नहीं सकते, अब करना होगा दो घंटे का सुधारात्मक कोर्स

ट्रैफिक नियम तोड़ चालक सिर्फ जुर्माना देकर बच नहीं सकते, अब करना होगा दो घंटे का सुधारात्मक कोर्स

राज्य सरकार ग्रामीण इलाकों में भी आम लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करेगी। सड़क दु/र्घटनाओं में ग्रामीण इलाकों में बढ़ रहे मौत के आंकड़ों को कम करने के लिए जल्द ग्रामीण इलाकों में भी जन जागरुकता अभियान चलाया जाएगा। शनिवार को 31वां राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सप्ताह के उद्घाटन करते हुए परिवहन मंत्री संतोष कुमार निराला ने कहा कि स्कूल व कॉलेजों में छात्र-छात्राओं के बीच जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है। श/राबबंदी के कारण बिहार में हाल के दिनों में सड़क दु/र्घटनाओं में कमी आई है। राज्य में हर साल 13 लाख से ज्यादा नई गाड़ियां सड़क पर आ रही हैं, ऐसे में दुर्घटना कम हो इसके लिए लोगों को यातायात नियमों का सख्ती से पालन करना होगा। परिवहन सचिव संजय अग्रवाल ने कहा कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले जुर्माना देकर भी बच नहीं सकते हैं। ऐसे लोगों के लिए दो घंटे का सुधारात्मक कोर्स शुरू किया जा रहा है। ड्राइवर के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाए जा रहे हैं। पिछले छह माह में सड़क दु/र्घटनाओं एवं मृ/तकों की संख्या में कमी आयी है।

नए एक्ट के लागू के बाद दु/र्घटनाओं में कमी के साथ हेलमेट और सीट बेल्ट धारण करने वालों की संख्या बढ़ी है। कई जिलों में हेलमेट कवरेज में 40 से 50 प्रतिशत तक बढ़ी है। अगले साल सड़क सुरक्षा सप्ताह से पहले जिलों में शत-प्रतिशत हेलमेट कवरेज का लक्ष्य रखा गया है। कार्यक्रम को बिहार राज्य आ/पदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष व्यास जी, पीएन राय, एम्स के निदेशक डाॅ. प्रभात कुमार सिंह, ब्रिगेडियर प्रवीण कुमार, ट्रैफिक एसपी अमरकेश डी ने भी संबोधित किया। इस मौके पर सहरसा, बक्सर, बांका, कटिहार, मधुबनी और पश्चिमी चंपारण के जिलाधिकारी, वरीय पुलिस अधीक्षक, पुलिस अधीक्षक और जिला परिवहन पदाधिकारी को सम्मानित करने की घोषणा की गई।

एडीजी सीआईडी विनय कुमार ने कहा कि राज्य में सड़क दु/र्घटना में 57 फीसदी मौ/त राष्ट्रीय राजमार्गों पर हो रही हैं। राज्य के पांच जिले ऐसे हैं, जहां एक तिहार्इ मौ/त हो रही है। इस सूची में 600 मौत के साथ पटना टॉप पर, दूसरे नंबर पर मुजफ्फरपुर यहां भी मौत का आंकड़ा 550 है, जबकि सारण, नालंदा और गया में भी मौत का आंकड़ा तीन सौ से ज्यादा है।


राज्य परिवहन आयुक्त सीमा त्रिपाठी ने कहा कि राज्य में होने वाली 85 फीसदी हादसे तेज ड्राइविंग के कारण हो रहे हैं। 65 फीसदी सड़क दु/र्घटना ग्रामीण इलाकों में हो रही है। सड़क दु/र्घटना में दो पहिया वाहनों का योगदान 39 फीसदी है, जबकि 15 फीसदी दु/र्घटना चार पहिया और 19 फीसदी बड़े वाहनों के कारण हो रही है। मरने वालों में सर्वाधिक 19 से 40 वर्ष के आयुवर्ग के हैं।

ये हुए सम्मानित : डाॅ. अमूल्य कुमार सिंह, डाॅ. संजीव कुमार, डाॅ. वीणा सिंह, डाॅ. अनिल कुमार, डाॅ. अनूप कुमार, अमित गुप्ता और अरुणजय कुमार। इन्हें मिला गुड सेमेरिटन अवार्ड : लखीसराय के संजय राम, कैमूर की गीता पासी, नवादा के गोपाल प्रसाद व जितेंद्र यादव।

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