सप्ताह में सिर्फ 2 दिन पढ़ाई करती थी देवयानी, यूपीएससी की परीक्षा में हासिल किए 11वी रैंक,पढ़िए देवयानी के संघर्ष की कहानी

अभी कुछ समय पहले ही यूपीएससी ने 2020 का फाइनल रिजल्ट जारी किया था. इस परीक्षा में कई बच्चों ने अच्छे नंबर लाकर अपने परिवार के साथ साथ देश का नाम रोशन किया. इस बार परीक्षा में शुभम कुमार जो कि बिहार के रहने वाले हैं उन्होंने यूपीएससी परीक्षा में टॉप किया है.

इस परीक्षा में हरियाणा की रहने वाली देवयानी ने भी 11वी रैंक लाकर अपने परिवार का नाम रोशन किया है. इसके पहले भी देवयानी ने पिछले साल चौथे प्रयास में दोस्त गायत्री रैंक हासिल किया था.

महेंद्रगढ़ की रहने वाली हैं देवयानी- देवयानी हरियाणा के महेंद्रगढ़ की रहने वाली है और उन्होंने अपनी स्कूल की पढ़ाई चंडीगढ़ से पूरा किया. आपको बता दें कि अपने 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद देवयानी ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की.

पिता को प्रेरणा मानती हैं देवयानी- देवयानी अपने पिता को अपनी कामयाबी का श्रेय देती है. देवयानी के पिता हिसार के संभागीय आयुक्त है. उन्होंने शुरू से ही अपने पिता को सिविल सर्विस करते देखा इसलिए वह भी बचपन से उठा लेते क्यों नहीं भी एक दिन सिविल सर्विसेज में ज्वाइन करना है.

लगातार तीन असफलताओं के बाद हुईं पास- देवयानी ने आईएएस बनने के लिए लगातार तीन बार यूपीएससी का एग्जाम दिया और तीनों बार वह फेल हो गयी. आईएएस बनने का सपना पूरा करना इतना आसान नहीं था.

चौथे प्रयास में 11वीं रैंक हासिल कर बनीं आईएएस- देवयानी ने 2019 में 222 वी रैंक हासिल किया था लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और फिर 2020 में यूपीएससी का एग्जाम दिया और इस बार उन्होंने 11 वीं रैंक हासिल की और आईएएस अफसर बनने का उनका सपना पूरा हो गया.

हफ्ते में सिर्फ दो दिन करती थीं पढ़ाई- देवयानी ने बताया कि वह काफी ज्यादा घंटे पढ़ाई करने पर विश्वास नहीं रखती है बल्कि वह जितने घंटे पढ़ती थी उतना घंटे गंभीरता से पढ़ती थी.उन्होंने बताया कि नौकरी करने के कारण उनके पास रोज पढ़ने का समय नहीं मिलता था इसलिए वह सेटरडे और संडे को दिन रात मेहनत करके पढ़ाई किया करती थी.

देवयानी की कहानी हमें यह बताती है कि अगर हम ठान ले तो कुछ भी हासिल कर सकते हैं. बस हमें मेहनत के साथ अपने लक्ष्य को पूरा करने का कोशिश करते रहना चाहिए.

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